राजस्थान: करोड़ों की ठगी करने का आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार, 6 साल बाद पुलिस को मिली सफलता

jaipur, 9 अप्रैल . Rajasthan के धौलपुर Police ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करोड़ों रुपए के धोखाधड़ी मामले के कथित मास्टरमाइंड अमित गौतम को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पिछले 6 वर्षों से फरार था और उस पर 43,000 रुपए का इनाम घोषित था.

आरोपी अमित गौता पर करीब 200 लोगों से लगभग 12.69 करोड़ रुपए की ठगी करने का आरोप है. ईडी भी उसकी तलाश में जुटी हुई थी.

अमित गौतम धौलपुर के शास्त्री नगर का निवासी है. वह धौलपुर, jaipur और उदयपुर में बड़ा ठगी नेटवर्क चलाने के बाद फरार हो गया था. उसे दिल्ली के लाजपत नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया.

उस पर 40,000 रुपए का इनाम भरतपुर रेंज के आईजी कैलाश चंद बिश्नोई द्वारा घोषित किया गया था, जबकि 3,000 रुपए का इनाम jaipur वेस्ट Police की ओर से रखा गया था.

यह कार्रवाई धौलपुर एसपी विकास सांगवान के नेतृत्व में की गई, जिसमें अतिरिक्त एसपी वैभव शर्मा और सीओ कृष्णराज जांगिड़ की टीम शामिल थी.

एम फार्मा की डिग्री रखने वाले गौतम ने मेडिकल क्षेत्र में अपनी विश्वसनीयता बनाकर लोगों को ठगने का काम किया. उसने अपने साथी अरुण अग्रवाल के साथ मिलकर वैभव एंटरप्राइजेज और रूटवाइज लॉजिस्टिक्स समेत सात फर्जी कंपनियां बनाई थीं.

लोगों को प्रभावित करने के लिए वह महंगी गाड़ियां, घड़ियां और स्मार्टफोन दिखाता था. उसके निशाने पर डॉक्टर, इंजीनियर और बड़े कारोबारी होते थे.

वह निवेश को कम समय में दोगुना करने का लालच देकर लोगों को फंसाता था, खासकर जमीन के सौदों के नाम पर. जिन लोगों के पास पैसे नहीं होते थे, उन्हें वह खुद बैंकों में ले जाकर लोन दिलवाता था.

पिछले छह महीनों से धौलपुर साइबर सेल उसकी jaipur, उदयपुर और दिल्ली में लोकेशन ट्रैक कर रही थी. वह दिल्ली में मेडिकल स्टोर और डायग्नोस्टिक लैब चला रहा था.

पहचान की पुष्टि के लिए Police ने मरीज बनकर लैब में जांच कराई और खून के सैंपल भी दिए. डॉक्टर का कोट और मास्क पहनकर छिपने की कोशिश के बावजूद उसे लाजपत नगर के ब्लॉक-सी से पकड़ लिया गया.

Rajasthan में उसके खिलाफ करीब 20 गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें jaipur के चित्रकूट और मानसरोवर थानों में मल्टी-करोड़ ठगी के करीब 15 केस, उदयपुर में बड़े मामलों समेत धौलपुर में कई केस शामिल हैं.

jaipur की ईडी ब्रांच ने भी उसके खिलाफ मामला दर्ज कर रखा था और जांच कर रही थी.

गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना प्रभारी अमित शर्मा, एसआई हरेंद्र सिंह, हेड constable नरेंद्र सिंह, constable हरवेंद्र सिंह (जिनकी अहम भूमिका रही), constable दिनेश और constable निलेंद्र शामिल थे.

एएमटी/डीकेपी

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