Tuesday , 15 June 2021

वसूली की खबर प्रकाशित होने पर बिलबिलाये आरोपी

जैदपुर बाराबंकी(इएमएस). खबर के प्रकाशित होने के बाद कई पूर्व अपराधी जिनके नाम जैदपुर थाने में काई संगीन मुकदमें दर्ज हैं, कस्बे की जनता को भ्रमित करके अपनी रोटियाँ सेंक रहे हैं. वसूली की खबर प्रकाशित होने के बाद सभी दबंग व हिस्ट्रीशटर एकराय होकर जनता के विरूद्ध कुचक्र रच रहे हैं, जल्द ही कार्यवाही न होने पर किसी भी संगीन घटना को अंजाम दे सकते हैं.

मालूम हो कि (इएमएस) ने विगत दिनों एक खबर प्रकाशित किया जिसमें कब्रिस्तान के पूरब और पश्चिम हिस्से लगभग 100 सालों से गरीब व बेहसरा परिवार पूर्वजों के जमाने से रहता चला रहा है, किन्तु चुनाव नजदीक आने पर क्षेत्र के कई छुटभइया नेता अपनी नेतागीरी चमकाने के लिए विशेष समुदाय के लोगों को बरगला रहे हैं कि कब्रिस्तान को बचाओ. इसके लिए 200 रूपया तक चंदा इकट्ठा किया जा रहा है और बताया जा रहा है कि पैरवी में रूपया खर्च होता है अधिकारियों व पुलिस (Police) विभाग में पैसा देना पड़ता है. हम लोग आपके पैसों को कब्रिस्तान को बचाने में लगायेंगे. मालूम हो कि कब्रिस्तान सुरक्षित है किन्तु नेताओं की नियत नहीं सुरक्षित है और अब कब्रिस्तान के नाम पर वसूली करके अपना स्वार्थ सिद्ध किया जा रहा है. विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि उक्त वसूली के रूपयो से अपनी नेतागीरी चमकाई जाती है और धर्म के नाम वसूले गये पैसों नाजायज काम किया जाता है.

मानहानि का दावा करने वाले ही है अवैध वसूली करने वाले…………….

कस्बा जैदपुर के वसूलीकर्ता की जानकारी के लिए कई लोगों व उच्चाधिकारियों के फोन आने लगे और जानकारी की गई कि वह कौन से लोग है जो अवैध वसूली कर रहे और जनता ने पैसे देने से इंकार कर दिया, इस हमारे संवाददाता ने बताया कि जल्द ही वह सब वसूलीकर्ता मानहानि का दावा करेंगे, जिससे आपको उनकी जानकारी मिल जायेगी की वहीं है छुटभइया नेता व धर्म के नाम पर उपद्रव्य कराकर वसूली करने वाले. मालूम हो कि खबर प्रकाशन में उक्त वसूलीकर्ताओं के नाम का अंकन नहीं किया गया था किन्तु कई वसूलीकर्ता तिलमिला गये है, जल्द ही वह अपने बिल से निकलकर एक अखबार के माध्यम से मानहानि का केस दर्ज करवाने की धमकीं दें डालीं जिस से पत्रकार डर जाए और अपराधियों गरीब परिवार का घर उजाड़ने में कामयाबी हासिल कर सकें.

अमानत में खयानत करना चाहते हैं कुछ लोग ………….

जैदपुर बाराबंकी जायज व खानदानी वारिसों की मौजूदगी को नजरअंदाज करते हुए कई दबंग जल्द अमीर बनने की नियत से जमीन को हड़पना चाहते हैं और उस पर लगे कीमती पेड़ को काटकर हरियाली को नष्ट करना चाहते हैं, और फर्जी व कूटरचना करके कथित कमेटी का निर्माण करना चाहते है जिसमें जायज व खानदानी वारिसों को शामिल नहीं करना चाहते हैं जो क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय है. मालूम हो कि पूर्वजों के जमाने से रह रहे परिवार की जमीन अब कथित नेताओं की नियत इसलिए खराब हो गई है कि जमीन बेशकीमती व रोड के किनारे स्थित है इसलिए अपने मेली मददगारों को कब्जा दिलवाकर उनसे अनैतिक रूप से वसूली की जाये. जबकि जैदपुर के कस्बे की जनता चाहती है कि उपरोक्त कब्रिस्तान जो ताजदार फातिमा के नाम दर्ज हैं जिसके जायज व खानदानी वारिस दिलकश रिज़वी रज़ा मियां कौसर रिज़वी अब्बास हैदर आदि लोग ही कमेटी बनाकर कब्रिस्तान को अपने अंडर में रखकर उसकी देखभाल व नव निर्माण आदि कार्य कराये, जिसमें क्षेत्र के कथित नेताओं का कोई हस्तक्षेप व दखल न हो. इस तरह से कब्रिस्तान की जमीन भी बच जायेगी और क्षेत्र में शांति व्यवस्था भी कायम रहेगी. सामाजिक कार्यकर्ता एवं सोशल एक्टिविस्ट ने मामले को संज्ञान में लेकर मुख्यमंत्री (Chief Minister) को चिट्टी लिखकर मामले की सी0बी0सी0आई0डी0 जांच कराकर दोषियों को जेल भेजने के लिए कहा है.

वसूली की रकम को लेकर हो गई जूतम-पैजार

जैदपुर बाराबंकी मालूम हो कि खबर प्रकाशित होने के बाद वसूली गई धनराशि के बंटवारे को लेकर आपस में ही जूतम-पैजार हो रही है, किन्तु किसी भी पक्ष के वसूली गई रकम की रसीद न होने के कारण पुलिस (Police) कार्यवाही से बचते नजर आ रहे हैं. वसूलीकर्ताओं ने एक गोपनीय बैठक किया जिसमें आगे की रणनीति तय की गई कि खबर को कौन लीक कर रहा है, इसी बात को लेकर आपस में जूतम-पैजार के साथ गालीगलौज भी हुई किन्तु कोई भी पक्ष पुलिस (Police) कार्यवाही की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है. अगर कार्यवाही करेंगे तो वसूलीकर्ताओं के नाम जनता में जगजाहिर हो जायेंगे, इसलिए मामले को दबाने में लगे है.

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