तिब्बत में अचल कला के सबसे पुराने ज्ञात नमूने उजागर -अध्ययन के अनुसार, दो लाख साल पुराना है यह ‘खजाना’ – Daily Kiran
Saturday , 23 October 2021

तिब्बत में अचल कला के सबसे पुराने ज्ञात नमूने उजागर -अध्ययन के अनुसार, दो लाख साल पुराना है यह ‘खजाना’

ल्हासा . तिब्बत में एक चट्टान की सतह पर अचल कला के सबसे पुराने ज्ञात नमूने उजागर हुए हैं. तिब्बती पठार के क्वेसांग क्षेत्र में पाए जाने वाली चट्टानों की सतह पर पाए जाने वाले हाथ और पैरों के निशानों को ‘अचल कला’ कहा जाता है. चीन के ग्वांगझू विश्वविद्यालय और और ब्रिटेन के बोर्नमाउथ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक टीम ने यह खोज की है. वैज्ञानिकों के समूह ने निशानों का अध्ययन किया, जिनके 1,69,000 से 2,26,000 साल पुराने होने का अनुमान लगाया है. रिसर्च में कहा गया है कि चट्टान की उम्र से पता चलता है कि हाथ और पैरों के निशान हिमयुग के मध्य में बनाए गए थे.

शोध के मुताबिक इस क्षेत्र में कुल पांच हाथ के निशान और पांच पैरों के निशान पाए गए हैं, जो एक गर्म पानी के झरने के आसपास जमा चूना पत्थरों पर संरक्षित किए गए हैं, जिसे ट्रैवर्टीन कहा जाता है. निशानों के आकार और लंबाई को देखते हुए 18 वैज्ञानिकों के समूह ने अनुमान लगाया कि उन्हें सात से 12 साल की उम्र के बच्चों द्वारा बेहद सावधानीपूर्वक बनाया गया था. रिसर्च का हिस्सा बोर्नमाउथ विश्वविद्यालय में पर्यावरण और भौगोलिक विज्ञान के प्रोफेसर मैथ्यू बेनेट ने एक बयान में कहा कि निशान सिर्फ चलने से नहीं बने बल्कि ऐसा लगता है कि ये जानबूझकर बनाए गए हैं. यह ‘स्थिर कला’ का सबसे पुराना उदाहरण हो सकता है. बेनेट ने आगे कहा कि कोई भी कल्पना कर सकता है कि ये प्राचीन बच्चे गर्म पानी के झरने से बने कीचड़ में खेल रहे थे और अपने हाथ पैर सावधानी से रखते थे. उन्होंने कहा कि उनके हाथ और पैरों के निशान तब से वैज्ञानिकों के लिए हजारों सालों से संरक्षित है.

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