मुठ्ठी भर निलंबित लोग हमसे हमारी पार्टी नहीं छीन सकते: चिराग पासवान 

 

पटना (Patna) . लोक जनशक्ति पार्टी लोजपा में चाचा पशुपति कुमार पारस की बगावत के बाद सियासी संकट में फंसे चिराग पासवान का दर्द मंगलवार (Tuesday) को एक फिर छलका. अपने ट्वीटर हैंडल पर चार पन्ने की चिट्ठी पोस्ट करते हुए चिराग ने पार्टी में बगावत की पृष्ठभूमि से लेकर आगे के संघर्ष तक का विस्तार से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उनके पिता ने कभी अपने-पराए का भेद नहीं किया लेकिन उनके जाने के बाद चाचा (पशुपति कुमार पारस) और भाई (प्रिंस राज) ने पीठ में छुरा घोंप दिया. उन्होंने कहा कि वह शेर के बेटे हैं इसलिए किसी भी परिस्थिति में डरते हैं न घबराते हैं. हां परिवार के टूटने का दु:ख जरूर है. उन्होंने अपने समर्थकों से लम्बी राजनीतिक और सैद्धांतिक लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी से निलम्बित मुट्ठी भर लोग हमसे हमारी लोजपा नहीं छीन सकते.

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