Thursday , 13 May 2021

जम्मू-कश्मीर से केरल तक बर्ड फ्लू का खौफ

जम्मू (Jammu) . केरल (Kerala) में बर्ड फ्लू के स्वरूप स्ट्रेन को नियंत्रित करने के लिए मुर्गे-मुर्गियों और बत्तखों को मारना शुरू कर दिया गया जबकि हिमाचल प्रदेश, राजस्थान (Rajasthan)और मध्य प्रदेश में फ्लू के मामले रिपोर्ट होने के बाद जम्मू (Jammu) कश्मीर ने अलर्ट घोषित कर दिया है और प्रवासी पक्षियों के नमूने लेने शुरू कर दिए हैं. केरल (Kerala) में पक्षियों के संक्रामक रोग के प्रकोप के बाद पड़ोसी कर्नाटक (Karnataka) और तमिलनाडु (Tamil Nadu) ने निगरानी बढ़ा दी है और दिशा-निर्देश जारी किए हैं. केरल (Kerala) में फ्लू के कारण करीब 1700 बत्तखों की मौत हो गई है. मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने बताया कि इंदौर (Indore) के रेसीडेंसी क्षेत्र में 8 दिन पहले मृत कौओं में बर्ड फ्लू के वायरस की पुष्टि होने के बाद अब तक शहर में इसी प्रजाति के 155 पक्षी मरे पाए गए हैं. राजस्थान (Rajasthan)में झालावाड़ के बाद कोटा और बारां के पक्षियों में भी संक्रमण पाया गया है. महाराष्ट्र (Maharashtra) में बर्ड फ्लू का कोई मामला अबतक सामने नहीं आया है.

महाराष्ट्र (Maharashtra) की सीमा मध्य प्रदेश से लगती है. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)के अधिकारियों ने प्रदेश में पोल्ट्री पक्षियों में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए मंगलवार (Tuesday) को कांगड़ा जिले के पोंग डैम लेक अभयारण्य के आसपास के इलाकों का सर्वेक्षण किया. इससे एक दिन पहले मृत प्रवासी पक्षियों के नमूनों में पाया गया था. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)के पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इलाके में अबतक 2700 प्रवासी पक्षी मृत मिले हैं. उनके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं. केरल (Kerala) में अलप्पुझा और कोट्टायम में प्रभावित क्षेत्रों के एक किलोमीटर के दायरे में पक्षियों को मारने का अभियान शुरू किया गया. दोनों जिलों से भोपाल (Bhopal) की प्रयोगशाला में भेजे गए नमूनों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के एक दिन बाद यह अभियान शुरू किया गया है.

अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन द्वारा गठित त्वरित प्रतिक्रिया दल ने सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत मंगलवार (Tuesday) सुबह से दोनों जिलों के प्रभावित क्षेत्र के एक किलोमीटर की परिधि में बत्तखों, मुर्गियों और अन्य घरेलू पक्षियों को मारने की कार्रवाई शुरू कर दी. अलप्पुझा जिला प्रशासन ने कहा कि कुट्टनाड क्षेत्र की चार पंचायतों नेदुमुदी, तकाजी, पल्लिप्पद और करुवत्ता में अभियान शुरू किया गया, जिसके बुधवार (Wednesday) शाम तक पूरा होने की संभावना है. इन्हीं इलाकों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं. एक अधिकारी ने कहा कि अकेले करुवत्ता पंचायत क्षेत्र में ही करीब 12,000 पक्षियों को मारा जाएगा. प्रशासन के मुताबिक, कोट्टायम जिले की प्रभावित नींदूर पंचायत में अब तक करीब 3,000 पक्षियों को मारा जा चुका है.

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