Friday , 16 April 2021

यूपी गेट पर बागपत के रहने वाले किसान की हार्ट अटैक से मौत

नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन आज 37वें दिन भी जारी है. केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध अब भी बरकरार है. कानूनों को रद्द कराने पर अड़े किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं. किसानों ने सरकार से जल्द उनकी मांगें मानने की अपील की है. वहीं सरकार की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि कानून वापस नहीं होगा, लेकिन संशोधन संभव है.  ज्ञात हो कि केन्द्र सरकार सितम्बर में पारित किए तीन नए कृषि कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे. गाजीपुर  यूपी गेट बॉर्डर पर आज एक किसान गल्तान सिंह पंवार 57 की मौत हो गई. वह गांव भगवानपुर नागल, जिला बागपत के रहने वाले थे. गल्तान सिंह आंदोलन में शुरू से ही शामिल थे. मौत की वजह अभी साफ नहीं हो सकी है. मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है. तबीयत खराब होने पर आज उन्हें अस्पताल लेकर गए थे जहां डॉक्टरों (Doctors) ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

गाजीपुर नए कृषि कानूनों के खिलाफ यूपी गेट पर जारी किसान आंदोलन में किसानों के बीच पहुंचे रालोद नेता जयंत चौधरी, राकेश टिकैत के साथ की वार्ता. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानून वापसी और एमएसपी पर कानून की मांग कायम है. 4 जनवरी को होने वाली बैठक में फिर वार्ता होगी. सरकार ने पिछली बैठक में अनुरोध किया कि 4 में से 2 मांग मान ली गई हैं इसलिए धरना समाप्त कीजिए, लेकिन किसानों ने मना कर दिया. आज फिर किसान संगठनों की बैठक है. नई साल है,  इसलिए नई उम्मीदें हैं. 2020 पूरे देश पर भारी रहा, लेकिन उम्मीद है कि नए साल से किसानों और देशवासियों की समस्याएं दूर होंगी. सरकार को कानून वापस लेने होंगे. एमएसपी पर कानून भी बनाना होगा. पूरे देश का किसान देख रहा है कि दिल्ली के धरने में क्या हो रहा है और क्या होगा.

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