भारतीय रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश पहली तिमाही में 31 प्रतिशत बढ़ा, 1.3 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

नई दिल्ली, 3 अप्रैल . भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश ने 2025 की मजबूत शुरुआत करते हुए पहली तिमाही में कुल निवेश 1.3 बिलियन डॉलर तक पहुंचा दिया. यह जानकारी गुरुवार को आई एक नई रिपोर्ट में दी गई.

कोलियर्स इंडिया की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जो मुख्य रूप से घरेलू निवेशकों द्वारा संचालित है.

घरेलू निवेश ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसने 0.8 बिलियन डॉलर का योगदान दिया, जो सालाना आधार पर 75 प्रतिशत की वृद्धि है.

ये निवेश मुख्य रूप से औद्योगिक, वेयरहाउसिंग और ऑफिस स्पेस की ओर थे. अकेले ऑफिस सेगमेंट ने 0.4 बिलियन डॉलर आकर्षित किया, जो कुल निवेश का एक तिहाई है.

हैदराबाद इस सेगमेंट में एक प्रमुख बाजार के रूप में उभरा, जिसने ऑफिस रिलेटेड इनफ्लो के आधे से अधिक हिस्से को आकर्षित किया. आवासीय क्षेत्र में भी शानदार वृद्धि देखी गई, जिसमें 2024 की पहली तिमाही की तुलना में निवेश लगभग तीन गुना हो गया.

इस क्षेत्र ने 0.3 बिलियन डॉलर आकर्षित किया, जो कुल निवेश का 23 प्रतिशत है. यह आंकड़ा औद्योगिक और वेयरहाउसिंग क्षेत्र के बराबर है.

दिलचस्प बात यह है कि विदेशी निवेशकों ने आवासीय निवेश में उछाल को लीड किया और इस क्षेत्र में कुल प्रवाह में आधे से अधिक का योगदान दिया.

औद्योगिक और वेयरहाउसिंग क्षेत्र ने 2024 से अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रखा और 2025 की पहली तिमाही के दौरान 0.3 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश रिकॉर्ड करवाया. यह सालाना आधार पर 73 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.

भारत के मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जैसे सकारात्मक व्यापक आर्थिक संकेतक मार्च 2025 में 58.1 तक पहुंच गए. 2024 के मध्य से उच्चतम स्तर ने इस क्षेत्र में आशावाद को मजबूत किया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत मांग, उच्च उत्पादन और बेहतर कारोबारी विश्वास ने इस वृद्धि में योगदान दिया है.

मुंबई शीर्ष निवेश गंतव्य के रूप में उभरा, जिसकी हिस्सेदारी 2025 की पहली तिमाही में 0.3 बिलियन डॉलर या कुल निवेश का 22 प्रतिशत थी.

रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि हैदराबाद ने 18 प्रतिशत निवेश हासिल किया.

मुंबई में, मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियों ने कुल निवेश का आधे से अधिक हिस्सा आकर्षित किया, जबकि बेंगलुरु में आवासीय क्षेत्र में अधिकांश निवेश हुआ.

शहर-वार डेटा से पता चलता है कि 2024 की पहली तिमाही की तुलना में मुंबई में निवेश में 841 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में भी 145 प्रतिशत वृद्धि के साथ महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है.

रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि इसी अवधि के दौरान बेंगलुरु में निवेश में लगातार 26 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई.

एसकेटी/एबीएम