पटना, 27 मार्च . बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को पटना के हज भवन में जदयू द्वारा आयोजित दावत-ए-इफ्तार में शरीक हुए. मुख्यमंत्री को गुलदस्ता, टोपी एवं साफा भेंटकर उनका अभिनंदन किया गया. इफ्तार के बाद रोजे की नमाज अदा की गई, जिसमें दावत-ए-इफ्तार में शरीक मुख्यमंत्री सहित सभी रोजेदारों ने प्रदेश, समाज और देश में अमन-चैन, शांति एवं भाईचारे का माहौल कायम रहने की दुआ मांगी.
मुख्यमंत्री ने दावत-ए-इफ्तार में शामिल रोजेदारों एवं आगंतुकों का स्वागत किया. इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, सूचना एवं जन-संपर्क मंत्री महेश्वरी हजारी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार भी शामिल हुए.
बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष मोहम्मद इर्शादुल्लाह, बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अफजल अब्बास सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में रोजेदार उपस्थित थे.
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री आवास पर भी दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया था, जिसमें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और एनडीए के घटक दलों के नेताओं तथा बड़ी संख्या में रोजेदारों ने शिरकत की थी. हालांकि कुछ मुस्लिम संगठनों ने मुख्यमंत्री के इफ्तार का बहिष्कार किया था, जिसे लेकर प्रदेश में खूब बयानबाजी हुई.
उल्लेखनीय है कि पवित्र रमजान के महीने में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा भी दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया. हालांकि इस आयोजन से कांग्रेस के बड़े नेताओं ने दूरी बना ली थी.
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी पार्टी कार्यालय में दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया था. इस इफ्तार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावा एनडीए घटक दल के सभी प्रमुख नेता शामिल हुए थे.
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एमएनपी/एकेजे