नई दिल्ली, 26 मार्च . केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 30,000 से अधिक करदाताओं ने 2024-25 के लिए अपने आयकर रिटर्न को संशोधित किया है या बिलेटेड रिटर्न फाइल किया. इसके बाद आयकर विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत 30,300 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति और आय की घोषणा की गई है.
वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा कि करीब 19,501 करदाताओं को एसएमएस और ई-मेल भेजे गए, जिसमें उनसे आयकर विभाग द्वारा विदेशी जमा पर एकत्रित जानकारी के आधार पर अपने आयकर रिटर्न की समीक्षा करने के लिए कहा गया.
उन्होंने कहा कि इस अभियान के परिणामस्वरूप 11,162 करदाताओं ने अपने कर रिटर्न में संशोधन किया और शेड्यूल फॉरेन एसेट्स फॉर्म फाइल किया, जिसमें कुल 11,259.29 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की गई और 154.42 करोड़ रुपये की विदेशी आय का खुलासा किया गया.
अन्य 883 करदाताओं ने अपने आईटीआर को संशोधित किया और 2024-25 के लिए संशोधित रिटर्न में अपना स्टेटस निवासी से अनिवासी में परिवर्तित किया.
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने संशोधित आईटीआर में अन्य 13,516 करदाताओं ने 7,564 करोड़ रुपये की विदेशी संपत्ति और लगभग 353 करोड़ रुपये की विदेशी आय घोषित की.
आयकर विभाग ने अनुपालन-सह-जागरूकता अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य विदेशी संपत्ति और आय के स्वैच्छिक प्रकटीकरण को प्रोत्साहित करना है.
अभियान के कारण 2023-24 की तुलना में 2024-25 में स्वैच्छिक प्रकटीकरण में सालाना आधार पर 45.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
सूत्रों के अनुसार, कर अधिकारियों को देश के बाहर अपने नागरिकों द्वारा अर्जित ब्याज और लाभांश के रूप में विदेशी खातों और आय के बारे में 108 से अधिक देशों से वित्तीय जानकारी प्राप्त हुई.
विदेशी संपत्तियों और आय का स्वेच्छा से खुलासा करने वाले करदाताओं की संख्या 2021-22 में 60,000 से बढ़कर 2024-25 में 2,31,452 हो गई है.
कॉमन रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड्स (सीआरएस) को अपनाने वाले शुरुआती देशों में भारत भी शामिल है और 2018 से डेटा प्राप्त कर रहा है.
सीआरएस के तहत 125 से अधिक देशों ने स्वचालित आधार पर दूसरे अधिकार क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों की वित्तीय जानकारी साझा करने पर सहमति व्यक्त की है.
फॉरेन अकाउंट टैक्स कम्प्लायंस एक्ट (एफएटीसीए) 2010 के अंतर्गत अंतर-सरकारी समझौते के तहत अमेरिका के साथ भी इसी तरह का आदान-प्रदान होता है.
सूचना के स्वचालित आदान-प्रदान के तहत प्राप्त इस डेटा का इस्तेमाल करते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 17 नवंबर 2024 को एक कम्प्लायंस कम अवेयरनेस अभियान शुरू किया, जिसमें करदाताओं से असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए रिवाइज्ड आयकर रिटर्न (आईटीआर) में अपनी विदेशी संपत्ति और आय घोषित करने का आग्रह किया गया.
यह अभियान सीआरएस और एफएटीसीए के जरिए एक सिस्टम-ड्रिवन और टैक्सपेयर-फ्रेंडली रुख का अनुसरण करता है.
आयकर विभाग ने करदाताओं को शेड्यूल फॉरेन एसेट्स और शेड्यूल फॉरेन सोर्स इनकम को भरने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड की सुविधा उपलब्ध करवाई है. साथ ही इन फ्रेमवर्क के तहत आने वाली जानकारियों को समझाने के लिए मटीरियल भी उपलब्ध करवाया है.
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एसकेटी/एकेजे