रांची में भाजपा नेता और जिला परिषद के पूर्व सदस्य अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या

रांची, 26 मार्च . रांची शहर के कांके इलाके में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और जिला परिषद के पूर्व सदस्य अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. वारदात बुधवार की शाम करीब चार बजे की है. दिनदहाड़े हुई इस वारदात से भीड़भाड़ वाले कांके चौक पर भगदड़ मच गई.

बताया गया कि अनिल टाइगर कांके चौके के ठाकुर होटल में बैठे थे. इसी दौरान बाइक पर सवार होकर अपराधियों ने उनके करीब पहुंचकर सिर में गोली मार दी. फायरिंग की आवाज सुनकर लोग दौड़े. सूचना मिलने के बाद कांके पुलिस मौके पर पहुंची. अनिल टाइगर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

घटना के फौरन बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोली चलाने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया है. वारदात क्यों अंजाम दी गई, इसकी वजह फिलहाल सामने नहीं आई है. पुलिस हमलावर से पूछताछ कर रही है. आशंका व्यक्त की जा रही है कि घटना के पीछे जमीन से जुड़ा विवाद हो सकता है. वारदात को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है. उन्होंने कांके चौक पर इकट्ठा होकर अपने गुस्से का इजहार किया.

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने आसपास के लोगों से पूरे मामले में पूछताछ की है. रांची के ग्रामीण एसपी सुमित अग्रवाल ने कहा कि कांके में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की घटना हुई है. पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है.

जिस वक्त यह वारदात अंजाम दी गई, उसी वक्त झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता राज्य में लॉ एंड ऑर्डर के मुद्दे पर सभी जिलों के एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर रहे थे.

डीजीपी ने घटना को दुखद बताया. उन्होंने कहा कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए. अगर हो जाती है तो अपराधियों को पकड़ना, उन्हें सजा दिलाना पुलिस का काम है. इससे भी आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण होता है.

उन्होंने कहा कि हाल में रांची में कारोबारी बिपिन मिश्रा पर हमले के मामले का उद्भेदन कर लिया गया. अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है. अन्य घटनाओं का भी उद्भेदन किया जा रहा है.

दूसरी तरफ रांची के भाजपा विधायक सीपी सिंह ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है. आखिर कब तक झारखंड यूं ही गोलियों की आवाज में डूबता रहेगा?

एसएनसी/एबीएम