मुंबई, 26 मार्च . भारत की केबल और वायर इंडस्ट्री की आय वित्त वर्ष 26 में 15-16 प्रतिशत बढ़ सकती है. यह जानकारी बुधवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई.
क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 25 में भी आय में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है. इसकी वजह पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन, रेलवे और रियल एस्टेट में निवेश बढ़ना है.
इसके अलावा केबल और वायर इंडस्ट्री को ‘चीन+1’ रणनीति से भी फायदा मिल रहा है, क्योंकि पश्चिमी देश वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहे हैं.
भारत उन प्रमुख देशों में शामिल है जिन्हें इस रणनीति से लाभ मिलने की उम्मीद है.
रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्ट्री की कुल मांग में लगभग दो-तिहाई का हिस्सा रखने वाली संगठित कंपनियों को घरेलू राजस्व में 15 प्रतिशत की वृद्धि होगी.
हालांकि, निर्यात में 20-22 प्रतिशत की तेज गति से वृद्धि होने की उम्मीद है. इसकी वजह संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) और यूरोप जैसे देशों द्वारा बेहतर उत्पाद गुणवत्ता के कारण चीनी कंपनियों की तुलना में भारतीय निर्माताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि मांग के मजबूत रहने के कारण वित्त वर्ष 24 में इंडस्ट्री की क्षमता उपयोग 80-85 प्रतिशत पर रह सकती है.
इस कारण वित्त वर्ष 25 में इंडस्ट्री के पूंजीगत व्यय में 70 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिल सकता है. साथ ही यह ट्रेंड वित्त वर्ष 26 में भी जारी रह सकता है.
निवेश में वृद्धि के बावजूद संगठित क्षेत्र की कंपनियों की वित्तीय स्थिरता मजबूत बनी हुई है और उनका परिचालन मार्जिन 10-11 प्रतिशत पर स्थिर है.
इंडस्ट्री के मजबूत प्रदर्शन का एक प्रमुख कारण कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मैनेज करने की इसकी क्षमता है.
क्रिसिल के विश्लेषण के मुताबिक, इंडस्ट्री की वित्तीय सेहत मजबूत बनी रहेगी, वित्त वर्ष 2025-2026 के दौरान डेट-टू-ईबीआईटीडीए और ब्याज कवरेज अनुपात क्रमशः 0.7-0.8 गुना और 15-16 गुना पर स्थिर रहने की उम्मीद है.
इसके अलावा, रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉइड (आरओसीई) 20 प्रतिशत के ऊपर बना हुआ है, जिससे के कारण इंडस्ट्री नए निवेशकों के लिए आकर्षक बनी हुई है.
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एबीएस/