नौसेना का अभ्यास ‘ट्रोपेक्स’, 65 जहाजों, 10 पनडुब्बियों और लड़ाकू विमानों की भागीदारी

नई दिल्ली, 7 मार्च . भारतीय नौसेना, वायुसेना, आर्मी और तटरक्षक बल ने थिएटर स्तर का एक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ट्रोपेक्स 25’ पूरा कर लिया है. इसमें वायुसेना के सुखोई-30, जगुआर, हवा में ईंधन भरने वाले विमान, भारतीय तटरक्षक बल के जहाज और भारतीय नौसेना के 65 जहाजों के अलावा नौसेना की 10 पनडुब्बियों की भी भागीदारी रही. इस दौरान गोला-बारूद की आपूर्ति, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध का अभ्यास किया गया.

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी सहित हिंद महासागर में अभ्यास आयोजित किया गया था. इसका संचालन क्षेत्र उत्तर से दक्षिण तक 35 डिग्री दक्षिण अक्षांश तक लगभग 4300 समुद्री मील और पश्चिम में 5000 समुद्री मील तक फैला हुआ था. ‘ट्रोपेक्स 25’ में भारतीय नौसेना के 65 से 70 जहाज, 10 पनडुब्बियां और विभिन्न प्रकार के 80 से अधिक विमानों ने भाग लिया.

ट्रोपेक्स का मुख्य उद्देश्य भारतीय नौसेना के कोर युद्ध कौशल को सत्यापित करना और एक यूनाइटेड और यूनिफाइड रिस्पॉन्स सुनिश्चित करना था. नौसेना ने शुक्रवार को यह अभ्यास पूरा होने की जानकारी दी.

नौसेना के मुताबिक महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास ‘ट्रोपेक्स’ 2025 इस वर्ष जनवरी से मार्च तक तीन महीने की अवधि में आयोजित किया गया. इस अभ्यास से नौसेना को परिचालन संबंधी सिद्धांतों की पुष्टि करने में मदद मिली. अभ्यास में एक जल-अभ्यास – एम्फेक्स, लक्ष्य पर युद्ध सामग्री की सटीक डिलीवरी पर केंद्रित संयुक्त कार्य प्रणाली, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के अलावा एक सामरिक चरण शामिल था.

इस अभ्यास से राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए समन्वित और एकीकृत तरीके से विविध चुनौतियों का जवाब देने की नौसेना की क्षमता बेहतर हुई है. यहां युद्धक्षेत्र स्तर के परिदृश्यों की योजना और निष्पादन में बहुत उच्च स्तर का तालमेल हासिल किया गया. इसमें भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल की इकाइयों की व्यापक भागीदारी देखी गई.

इसमें सुखोई-30, जगुआर, सी-130, फ्लाइट रिफ्यूलर, अवॉक्‍स विमान, इन्‍फैंट्री डिवीजन के 600 से अधिक सैनिकों और भारतीय तटरक्षक बल के 10 से अधिक जहाज शामिल थे. इस अभ्‍यास ने युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य के लिए तैयार बल रहने की नौसेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है.

जीसीबी/एबीएम