कर्नाटक विधानसभा में लापता छात्र के लिए जताई गई चिंता, स्पीकर ने सरकार से जांच में तेजी लाने को कहा

बेंगलुरु, 5 मार्च . कर्नाटक विधानसभा में बुधवार को मंगलुरु जिले के बंटवाल के पास फरंगीपेटे कस्बे में कुछ दिन पहले लापता हुए 12वीं कक्षा के छात्र के बारे में चर्चा की गई और चिंता जताई गई.

विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया और कहा कि लापता छात्र दिगंत का मामला उनके निर्वाचन क्षेत्र से आया है.

उन्होंने कहा, “मुझे जानकारी है कि जांच चल रही है. हालांकि, चिंताएं जताई जा रही हैं और बेचैनी है. मैंने इस मामले में गृह मंत्री से बात की है. जो भी कार्रवाई की जानी है, वह की जाएगी.”

प्राथमिक शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा कि दिगंत ने अपने पीयूसी कॉलेज से हॉल टिकट लेने के बाद अपने परिवार से कहा था कि वह शाम 7.30 बजे मंदिर जा रहा है और फिर वापस नहीं लौटा.

उन्होंने कहा, “विभाग एसपी और पुलिस के साथ नियमित रूप से संपर्क में है. उसका मोबाइल और चप्पल (खून के निशान के साथ) रेलवे ट्रैक से 200 मीटर दूर बरामद किए गए.”

इस बीच, अधिकारियों ने 2 किलोमीटर के दायरे में तलाशी अभियान चलाया और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया. कोई शव नहीं मिला और अब पुलिस विभाग ने लापता छात्र की तलाश के लिए सात विशेष टीमें बनाई हैं.

लड़के के मोबाइल पर 16 अंकों का सुरक्षा कोड है और इसे डिकोड किया जा रहा है. घटना 25 फरवरी को घटित हुई थी. सीडीआर कॉल लिस्ट हासिल कर ली गई है.

मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा, “दोस्तों और रिश्तेदारों को फोन किया गया है और कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है.”

उन्होंने कहा, “मैं गृह मंत्री से आग्रह करूंगा कि वे लड़के का पता लगाएं और उसे सुरक्षित उसके परिवार के पास वापस भेजें. मैं जांच का प्रभारी नहीं हूं. मैं इसलिए जवाब दे रहा हूं क्योंकि गृह मंत्री जी. परमेश्वर अनुपस्थित हैं.”

मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार लड़के के परिवार के साथ खड़ी है और मामले के बारे में उन्हें नियमित जानकारी दे रही है. विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्री को सभी संभावित कोणों पर गौर करने की सलाह दी.

भाजपा विधायक और महासचिव वी. सुनील कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि घटना को आठ-नौ दिन बीत चुके हैं. सरकार द्वारा सिर्फ यह कहना उचित नहीं होगा कि उन्होंने विशेष टीमें गठित कर दी हैं.

उन्होंने कहा, “लड़का भजन ग्रुप में सक्रिय था. वह संगठनात्मक गतिविधियों में भी हिस्सा लेता था. बंद का आयोजन किया गया था और हमारे सभी नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया था. मैं स्वागत करता हूं कि अधिकारियों ने सीडीआर लिस्ट हासिल कर ली है.”

विधायक सुनील कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर मामले की जांच विशेष बल द्वारा नहीं की जाती है, तो अफवाहें फैलती रहेंगी. इसलिए इसे आपातकालीन मामला माना जाना चाहिए.”

भाजपा विधायक उमानाथ ए कोटियन ने मंत्री से लड़के के लापता होने के समय एक कार की कथित संदिग्ध गतिविधि की जांच करने को कहा है, क्योंकि अंजनेया मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में काले रंग की गाड़ी की संदिग्ध गतिविधि कैद हुई थी.

मंत्री बंगारप्पा ने कहा कि वे पुलिस अधिकारियों से उनसे विस्तृत जानकारी प्राप्त करने और मामले की जांच करने के लिए कहेंगे. उन्होंने आश्वासन दिया, “हम परिवार को निष्कर्षों से अवगत कराएंगे और मामले को सुलझाने के लिए व्यवस्थित तरीके से काम करेंगे.”

लापता छात्र के मुद्दे पर हिंदू संगठनों और भाजपा ने पिछले शनिवार को बंद का आयोजन किया था. विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भाजपा के कार्यकर्ता, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, बड़ी संख्या में बाहर निकले. बंद के समर्थन में अधिकांश दुकानदार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे.

प्रदर्शनकारियों को लापता मामले में ‘गांजा गिरोह’ का हाथ होने का संदेह है. उन्होंने पुलिस से मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है.

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