अहमदाबाद, 28 फरवरी . गुजरात में 25 फरवरी का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब राज्य की अदालतों ने एक ही दिन में पोक्सो एक्ट के तहत सात मामलों में आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई. इसके पीछे सरकार का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और अपराधों में कमी लाना है. इस पूरे मामले पर गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने न्यूज एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि यह कदम समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगा और जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा.
गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के सामने भूपेंद्र भाई पटेल की गुजरात सरकार द्वारा एक मुहिम चलाई जा रही है और इसी मुहिम के तहत गुजरात में बेटियों के साथ अगर किसी भी प्रकार के जघन्य अपराध होते हैं तो त्वरित न्याय दिलाने की इस मुहिम में गुजरात सरकार को एक बहुत ही बड़ी सफलता प्राप्त हुई है. भूपेंद्र भाई पटेल ने जब से मुख्यमंत्री के तौर पर गुजरात में चार्ज लिया है, तब से आज तक 574 बेटियों को न्याय दिलाने में, 574 बलात्कारियों को आजीवन कारावास दिलाने में गुजरात सरकार को सफलता प्राप्त हुई है. वहीं, इस तरह के मामलों में जुड़े हुए बलात्कारियों में से ग्यारह से ज्यादा बलात्कारियों को फांसी दिलाने में सफलता प्राप्त हुई है.
उन्होंने कहा कि 25 फरवरी का दिन गुजरात की बेटियों का दिन, गुजरात की महिलाओं के दिन के तौर पर जाना जाएगा. इस एक ही दिन में सात बेटियों को अलग-अलग जिलों में न्याय मिला. अमरेली में तीन परिवारों को न्याय मिला, राजकोट में तीन परिवारों को न्याय मिला और वडोदरा में एक परिवार को न्याय मिला. सात बलात्कारियों को आजीवन कारावास की सजा एक ही दिन में अलग-अलग कोर्ट ने सुनाई. यह अपने आप में सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा संदेश है.
संघवी ने आगे कहा कि यह अपने आप में सरकार हो या कोर्ट हो, बलात्कारियों को लाल आंख दिखाई है. यह अपने आप में एक बहुत बड़ी सफलता है. आने वाले दिनों में जो मामले लंबित हैं, उनमें भी त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में गुजरात सरकार काम कर रही है. इन मामलों में जुड़े हुए गुजरात पुलिस के सभी अधिकारियों को मैं बहुत-बहुत अभिनंदन देता हूं.
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पीएसके/एबीएम