बीजिंग, 15 फरवरी . चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लिया. इस दौरान, उन्होंने “चीन सत्र” में “बदलती दुनिया में एक रचनात्मक शक्ति बनें” शीर्षक वाला भाषण दिया.
वांग यी ने कहा कि बहुध्रुवीय विश्व एक ऐतिहासिक आवश्यकता है और यह एक नई वास्तविकता बनती जा रही है. समान और व्यवस्थित बहुध्रुवीय विश्व के निर्माण को बढ़ावा देना राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव है और यह बहुध्रुवीय विश्व के लिए हमारी ईमानदार अपेक्षा भी है. चीन निश्चित रूप से बहुध्रुवीय प्रणाली में एक नियतात्मक कारक होगा और दृढ़तापूर्वक विश्व को बदलने में एक रचनात्मक शक्ति बनेगा.
चीनी विदेश मंत्री ने बहुध्रुवीकरण पर चीन के चार विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला. सबसे पहले, हमें समान व्यवहार की वकालत करनी चाहिए. दूसरा, अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान किया जाना चाहिए. तीसरा, बहुपक्षवाद का अभ्यास किया जाना चाहिए. चौथा, हमें खुलेपन और उभय जीत सहयोग पर कायम रहना चाहिए.
अपने भाषण में वांग यी ने बल देते हुए कहा कि चीन का हमेशा से मानना रहा है कि बहुध्रुवीय विश्व में यूरोप एक महत्वपूर्ण ध्रुव है. चीन और यूरोप प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार हैं. इस वर्ष, चीन और यूरोपीय संघ के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है, चीन इससे लाभ उठाकर यूरोप के साथ मिलकर रणनीतिक संचार और आपसी लाभ वाले सहयोग को मजबूत करना चाहता है, ताकि विश्व को शांति, सुरक्षा, समृद्धि और प्रगति के उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाया जा सके.
सम्मेलन में वांग यी ने अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था, यूक्रेन संकट और चीन-अमेरिका संबंधों जैसे विषयों पर प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए.
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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