खनौरी बॉर्डर के आंदोलन से केंद्र को फायदा, रास्ते बंद करने से सिखों को नुकसान : राकेश टिकैत

फतेहाबाद, 4 जनवरी . हरियाणा के फतेहाबाद के टोहाना में शनिवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया गया. इसमें संयुक्त किसान मोर्चा के बड़े किसान नेता पहुंचे और किसान आंदोलन को लेकर मंथन किया गया. बैठक में किसान नेता राकेश टिकैत, जोगेंद्र सिंह उगराहा, हरियाणा के किसान नेता जोगिंदर नैन सहित कई किसान नेता शामिल हुए.

फतेहाबाद किसान महापंचायत में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि खनौरी बॉर्डर पर जो किसानों का धरना चल रहा है, उससे केंद्र सरकार को फायदा हो रहा है. इससे पंजाब सरकार की छवि खराब हो रही है और सड़कें जाम होने से सिख समाज के कुछ लोग इस धरने से नाराज हैं. इसलिए केंद्र सरकार चाहती है कि यह धरना लंबा चले.

राकेश टिकैत ने आगे कहा कि इस बार किसान जब दिल्ली की और कूच करेंगे तो दिल्ली को अंदर से घेरने की बजाय केएमपी को घेरा जाएगा, ताकि दिल्ली चारों ओर से जाम हो सके. हरियाणा सरकार उन फसलों पर एमएसपी देने की बात कहती है, जिन फसलों की यहां पैदावार ही नहीं होती.

उन्होंने आगे कहा कि एमएसपी के नाम पर सरकारों के द्वारा किसानों को ठगा जा रहा है, फिलहाल संयुक्त किसान मोर्चा की पंचायत जगह-जगह होती रहेगी, जब आंदोलन होगा तो किसानों को कॉल कर दी जाएगी. अलग-अलग तरीके से किसान अपना आंदोलन कर रहे हैं. देश में लगभग 700 किसान संगठन है और वह लगे हुए हैं. जब भी दिल्ली में आंदोलन होगा, तो सभी किसान संगठन एक साथ नजर आएंगे और सभी मिलकर आंदोलन करेंगे.

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