चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की औसत मुद्रास्फीति 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान

New Delhi, 12 नवंबर . खाद्य मुद्रास्फीति में नरमी और मांग में कमी को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए औसत मुद्रास्फीति 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है. यह जानकारी Wednesday को आई एक रिपोर्ट में दी गई.

केयरएज रेटिंग्स की एक लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि मौद्रिक नीति पॉलिसी को देखते हुए अगर विकास दर चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कमजोर होती है तो लेटेस्ट इंफ्लेशन रीडिंग्स रेट कट को बढ़ावा दे सकती है.

रेटिंग एजेंसी ने कमजोर डॉलर, मजबूत युआन और मैनेज किए जा सकने वाले चालू खाता घाटा और अमेरिका-India ट्रेड डील को लेकर उम्मीदों को देखते हुए वित्त वर्ष 26 के अंत तक यूएस डॉलर/रुपया के अपने अनुमान को 85-87 पर बनाए हुआ है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्लोबल ट्रेड वॉल्यूम 2025-26 में औसत आधार पर 2.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि India का वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात वर्तमान के 21 प्रतिशत से घटकर 2030 तक जीडीपी के 16 प्रतिशत हो सकता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 के लिए वैश्विक वृद्धि का अनुमान 20 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा दिया गया है.

कुल मिलाकर निरतंर अनिश्चितता के बीच विकास के जोखिम नकारात्मक बने हुए हैं.

पेट्रोलियम निर्यात ने India के कुल निर्यात को प्रभावित किया. बावजूद इसके India का नॉन-पेट्रोलियम निर्यात चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 7 प्रतिशत बढ़ा. वहीं, चालू वित्त वर्ष इसी समान अवधि में नॉन-पेट्रोलियम गुड्स के नेतृत्व में आयात को लेकर 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.

India का अमेरिका को निर्यात चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 13 प्रतिशत बढ़ा है, इस वृद्धि के साथ अमेरिका मर्चेंडाइज गुड्स के लिए सबसे बड़ा एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन बना हुआ है, जिसकी India के कुल निर्यात में 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी है.

रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स और पेट्रोलियिम प्रोडक्ट्स को छोड़कर अमेरिका को India के कुल निर्यात में सितंबर में गिरावट दर्ज की गई है.

एसकेटी/