Bhopal , 30 अगस्त . Madhya Pradesh में पर्यटन विकास के साथ पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने की कोशिश जारी है. Chief Minister मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में पर्यटन को रोजगार से जोड़ा जा रहा है. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में देश में स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत अभियान चल रहा है. State government भी इस अभियान में हरसंभव सहयोग कर रही है.
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पर्यटन विकास को रोजगार से जोड़ा है. पर्यटन बढ़ता है, तो लोगों को रोजगार के नए-नए अवसर मिलते हैं. देश में पर्यटन क्षेत्र बहुत तेजी से विकास कर रहा है. इसमें Madhya Pradesh भी पीछे नहीं है. पिछले वर्ष धार्मिक पर्यटन के लिए देश में सर्वाधिक पर्यटकों ने Madhya Pradesh को ही चुना.
Chief Minister ने कहा कि हमारी सरकार सभी क्षेत्रों को समान रूप से बढ़ावा दे रही है. प्रदेश में समृद्ध वन क्षेत्र और वन्य जीव पर्यटन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं. कूनो में देश का पहला राष्ट्रीय चीता अभयारण्य है. साथ ही चंबल नदी के आसपास घड़ियाल अभ्यारण्य भी है. कछुओं की लुप्त प्रजातियों का भी संरक्षण Madhya Pradesh में किया जा रहा है. माधव नेशनल टाइगर पार्क को इसी साल लोकार्पित किया गया है. पर्यटन विकास के जरिए प्रदेश का भविष्य उज्ज्वल और समृद्ध हो, सभी युवाओं को रोजगार मिले, हमारी सरकार इसी भावना से काम कर रही है.
Chief Minister ने कहा कि Madhya Pradesh में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के कई स्थान हैं. देश में कुल 66 स्थान विश्व धरोहर स्थल के रूप में चिन्हित किए गए हैं, इनमें से 27 Madhya Pradesh में स्थित हैं. यह राज्य के लिए बेहद गौरव की बात है. कॉन्क्लेव के जरिए ग्वालियर एवं चंबल अंचल में पर्यटन विकास को एक नई गति मिलेगी.
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की गई. इससे पहले रीवा और उज्जैन में टूरिज्म को लेकर ऐसे ही कॉन्क्लेव आयोजित किए जा चुके हैं.
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एसएनपी/एबीएम