ईडी की बड़ी कार्रवाई, 9.31 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच

चंडीगढ़, 30 अगस्त . Enforcement Directorate (ईडी) चंडीगढ़ जोनल कार्यालय ने 26 अगस्त को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 9.31 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अटैच कर लिया है.

ये संपत्तियां क्यूएफएक्स/वाईएफएक्स/यॉर्करएफएक्स/बॉटब्रो घोटाले के मुख्य आरोपी नवाब उर्फ लैविश चौधरी, उसके सहयोगी राजेंद्र कुमार सूद और अन्य एजेंटों व उनके परिजनों की बताई जा रही हैं.

ईडी ने जिन संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है, उनमें 45 अचल संपत्तियां शामिल हैं. इनमें आवासीय फ्लैट, प्लॉट और कृषि भूमि सम्मिलित हैं, जो उत्तर प्रदेश, पंजाब, Haryana और Himachal Pradesh जैसे राज्यों में फैली हुई हैं.

इसके अलावा, बैंक बैलेंस के रूप में चल संपत्तियां भी जब्त की गई हैं. जांच में सामने आया है कि 2019 से 2025 के बीच हुए इस घोटाले के दौरान अपराध से अर्जित धन को कई बैंक खातों के जरिये घुमाकर इन संपत्तियों में निवेश किया गया. अक्सर इन खातों को आरोपियों के रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम से संचालित किया गया, ताकि काले धन के स्रोत को छिपाया जा सके.

ईडी की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि यह घोटाला एक पोंजी और मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) स्कीम के रूप में संचालित किया गया. क्यूएफएक्स ग्रुप ने निवेशकों को 5–6 प्रतिशत मासिक रिटर्न का झांसा देकर धन इकट्ठा किया, जबकि वास्तव में कोई विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) ट्रेडिंग नहीं की गई. निवेशकों से प्राप्त राशि को अलग-अलग बैंक खातों में लेयरिंग के जरिये डाला गया और बाद में आरोपियों व उनके परिजनों के नाम पर चल रही कंपनियों और संपत्तियों में निवेश कर दिया गया.

ये धनराशि क्यूएफएक्स ग्रुप की संस्थाओं के खातों से होकर आरोपियों, उनके एजेंटों और परिवारजनों जैसे केवल किशन, दिनेश कुमार चोपड़ा, चमन लाल, साजिद अली, राशिद अली आदि के खातों में पहुंची. इसके बाद इन्हीं पैसों से आरोपियों की पत्नियों, बेटों और रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं.

यह कार्रवाई ईडी की पहले की जांच का ही हिस्सा है. 11 फरवरी 2025 और 4 जुलाई 2025 को ईडी ने देशभर में क्यूएफएक्स ग्रुप से जुड़ी कंपनियों, प्रमोटरों और एजेंटों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस दौरान 194 बैंक खातों को चिन्हित किया गया था, जिनमें 394 करोड़ रुपए की संदिग्ध रकम मिली थी. यह रकम भी अपराध से अर्जित धन को घुमाने का हिस्सा पाई गई.

क्यूएफएक्स ग्रुप के खिलाफ Himachal Pradesh, असम, उत्तर प्रदेश, Madhya Pradesh और Haryana सहित कई राज्यों में First Information Report दर्ज हैं. ये मामले भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और प्राइज चिट्स एवं मनी सर्कुलेशन स्कीम (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत दर्ज किए गए हैं.

इस बार अटैच की गई संपत्तियों में 8.20 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति (27 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल) और 1.1 करोड़ रुपए की चल संपत्ति शामिल है. ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई घोटाले की वित्तीय जड़ को तोड़ने की दिशा में एक और अहम कदम है और इससे अब तक की जांच और जब्ती की प्रक्रिया को मजबूती मिली है.

पीएसके