Mumbai , 29 अगस्त . शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने Friday को महाराष्ट्र सरकार पर आरक्षण को लेकर पक्षपात करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सीएम देवेंद्र फडणवीस पर एक जाति के नेता बनने और महाराष्ट्र को बांटने का काम कर रहे हैं.
सांसद संजय राउत ने पत्रकारों से ब्राह्मण और मराठा आरक्षण के मुद्दे पर बात की. उन्होंने कहा कि सरकार ने ब्राह्मण समाज के लिए परशुराम आर्थिक विकास महामंडल बनाया और पांच वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की, लेकिन मराठा समाज सड़कों पर है. लोग गुस्से में हैं और इसके लिए फडणवीस खुद जिम्मेदार हैं.
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने जातिवादी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा, “महाराष्ट्र मेरा है, इसकी हर जाति और उपजाति मेरी है. मैं सबका नेता हूं. यशवंत राव चव्हाण, वसंतदादा पाटिल, शरद पवार और बालासाहेब ठाकरे ने जो एकजुट महाराष्ट्र का मार्ग दिखाया, उससे आज का नेतृत्व भटक गया है. उन्होंने कहा कि फडणवीस एक जाति के नेता बनने की कोशिश कर रहे हैं जैसा कि Prime Minister देश में करते हैं. यह महाराष्ट्र को बांटने और आग लगाने की साजिश है.
उन्होंने दो उपमुख्यमंत्रियों के सवाल पर कहा, “महाराष्ट्र जानता है कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों के पास सीमित अधिकार हैं. असली सत्ता फडणवीस के पास है, क्योंकि उनके पास केंद्र का समर्थन है. राउत ने कहा, “जब समाज सड़कों पर उतरता है तो नजरें Chief Minister पर होती हैं. संवाद के जरिए समाधान निकाले जा सकते हैं.”
सीएम राउत ने कहा, “Chief Minister को खुद मराठा समाज के लिए आरक्षण मांग रहे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे से मिलना चाहिए था, जैसा कि पहले बापट और अन्ना हजारे के समय हुआ था. संवाद से Chief Minister का कद बढ़ेगा, न कि घटेगा. उन्होंने कहा है कि सरकार में डर और अहंकार है, जो जनता को नजरअंदाज करने की गलती कर रहा है.
शिवसेना (यूबीटी) की आरक्षण नीति पर राउत ने निशाना साधते हुए कहा, “उद्धव ठाकरे ने बार-बार स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को, चाहे वे किसी भी जाति से हों, उनका हक मिलना चाहिए. मराठा समाज में बड़ी संख्या में लोग आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं. उन्हें बच्चों की शिक्षा और नौकरी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. उनकी मांगों का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए.”
राउत ने जरांगे पाटिल को अनशन के लिए एक दिन की अनुमति को प्रशासनिक विफलता करार दिया. उन्होंने कहा, “यह स्थिति संघर्ष को जन्म देगी और इसके लिए गृह विभाग और फडणवीस जिम्मेदार होंगे. उनकी टीम झूठे केस, धमकियां और विधायक खरीदने में माहिर है, लेकिन लॉ एंड ऑर्डर संभालने में विफल है. लाखों लोग सड़कों पर हैं, तो ‘ईडी लगाओ’ या ‘अरेस्ट करो’ जैसे हथकंडे काम नहीं करेंगे.”
इंडिया ब्लॉक के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी के महाराष्ट्र दौरे पर राउत ने कहा, “मैं शिवसेना (यूबीटी) का प्रमुख प्रवक्ता और संसदीय दल का नेता हूं. मेरे बयान पार्टी की आधिकारिक राय हैं, जिन्हें उद्धव ठाकरे का समर्थन है. रेड्डी मुझसे मिलने आ रहे हैं.”
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एससीएच/वीसी