राहुल-खड़गे के खिलाफ दिल्ली पुलिस कमिश्नर से शिकायत, वकील विनीत जिंदल ने की कार्रवाई की मांग

New Delhi, 29 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट करने के मामले में Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस के social media इंचार्ज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है. Supreme court के वकील विनीत जिंदल ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस कमिश्नर को एक पत्र लिखा है. उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर Prime Minister की छवि को धूमिल करने और लोकतांत्रिक संस्थानों पर अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया है.

विनीत जिंदल ने अपने पत्र में कहा कि 28 अगस्त 2025 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल ने Prime Minister मोदी के खिलाफ अत्यधिक आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट प्रकाशित की थी. इन पोस्ट में Prime Minister का एक ‘मिसिंग पोस्टर’ साझा किया गया, जिसमें उन्हें ‘वोट चोर’ कहा गया.

पोस्ट में कैप्शन दिया गया- “गुमशुदा ‘वोट चोर’ की तलाश है.” पोस्टर में पीएम मोदी का चेहरा दिखाया गया है और उसके ऊपर मिसिंग लिखा है.

जिंदल ने इस पोस्ट को अपमानजनक और उकसाने वाला बताया, जिसका उद्देश्य Prime Minister के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाना और जनता में अशांति फैलाना है.

जिंदल ने आरोप लगाया कि Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विभिन्न सार्वजनिक रैलियों और बैठकों में Prime Minister के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं. इनमें भ्रष्टाचार, चुनावी प्रक्रिया में बेईमानी और संस्थानों के दुरुपयोग जैसे आरोप शामिल हैं.

जिंदल के अनुसार, ये बयान निष्पक्ष राजनीतिक आलोचना नहीं, बल्कि व्यक्तिगत हमले और मानहानि करने वाले हैं.

जिंदल ने अपने पत्र में कहा कि ये पोस्ट और बयान न केवल अपमानजनक हैं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को खतरे में डालने वाले हैं. उन्होंने इनके लिए मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और कांग्रेस के social media इंचार्ज को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत विभिन्न धाराओं (152, 194, 195, 356, 357, 354) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66डी और 67 के तहत कार्रवाई की मांग की है.

जिंदल ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से इन आपत्तिजनक पोस्ट को तुरंत हटाने, इनके पीछे की साजिश की जांच करने और भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए कठोर कानूनी कदम उठाने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा, “ये पोस्ट और बयान social media पर अभी भी प्रचलन में हैं, जिससे Prime Minister की छवि को भारत और विदेशों में नुकसान पहुंच रहा है.”

एफएम/एएस