Wednesday , 19 February 2020
गैर इरादतन हत्या में 7 वर्ष कैद, 20 हजार जुर्माना

गैर इरादतन हत्या में 7 वर्ष कैद, 20 हजार जुर्माना

बांदा. गैरइरादतन हत्या के मामले नौ सालों तक चले मुकदमे में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शैलेंद्र कुमार सैलट की कोर्ट ने दोषी को सात वर्ष की सश्रम कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है. जुर्माना अदा न करने पर दो माह की कैद और होगी. अतर्रा थाना के ग्राम अनथुवा का हरीमोहन उर्फ रजऊवा 11 मई 2011 की रात विवाह में शामिल होकर लौट रहा था. रास्ते में गांव के गोरेलाल चैबे ने उसका मोबाइल छीनना चाहा और विरोध करने पर जनरेटर का हैंडिल उसके सिर में मार दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर गया. दूसरे दिन उसकी हालत बिगड़ गई. सीएचसी से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई. रजउवा के पिता ने धारा 156/3 के तहत अदालत में अर्जी दी. अदालत के आदेश पर 29 अक्टूबर 2011 को 304/394 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की गई. विवेचना के बाद पुलिस ने धारा 304 की चार्जशीट अदालत में दाखिल की. अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने सात गवाह पेश किए. दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने कोर्ट से दोषी गोरेलाल उर्फ प्रमोद कुमार चैबे को धारा 304 (2) में दोषी पाते हुए सात वर्ष की सश्रम कारावास व बीस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई. जुर्माने की आधी राशि मृतक के पिता को देने के आदेश दिए. पुलिस ने दोषी को कोर्ट से जेल भेज दिया.