Tuesday , 13 April 2021

मातारानी के 6 डंपर बिना रॉयल्टी ओवरलोड दौड़ रहे, किसी में पकड़ने की दम नही !

बैतूल /नवल-वर्मा. मुलताई में रेत के धंधे में मातारानी का ही डंका बज रहा. क्या खनिज विभाग और क्या पुलिस (Police) विभाग, किसी की भी हिम्मत नहीं की मातारानी लिखे डंपर या ट्रक को रोक लें? रेत के अन्य कारोबारी मातारानी के इस जलवे से हैरत में और नाराज भी हैं. जहां दूसरे लोगों को महीना अदा करना पड़ता है वहीं मातारानी को कोई रोकटोक ही नहीं है. फिलहाल मातारानी के सामने सब पानी भर रहे. इस मातारानी का सीधा कनेक्शन मुलताई से है इसलिए हाल में मुलताई में डंपर मालिक संघ ने एसडीएम को ज्ञापन भी दिया था. जिसमे बिना रायल्टी ओवरलोड चल रहे कुछ डंपर पर कार्रवाई की मांग भी की गई थी.

— बिना रायल्टी के चल रहे 6 डंपर …

रेत कारोबारियों के अनुसार एमएच 49 सीरीज के तीन और एमपी 48 सीरीज के तीन डंपर है जिन पर मातारानी लिखा हुआ है. इन डम्पर को कोई कभी चेक नहीं करता! यह डम्पर बिना रायल्टी के पिछले दो माह से रेत का कारोबार कर रहे. रेत कारोबारियों के अनुसार एक रेत ठेकेदार से इनकी सीधी सेटिंग है इसलिए उसकी खदान से यह बिना रायल्टी के रेत उठा रहे हैं.

– गढे़कर सरनेम का है जातीय दबदबा…

इस मातारानी शब्द के पीछे गढे़कर सरनेम का दबदबा बताया जाता है. इस दबदबे को लेकर जाता है कि जातीय एप्रोच की ताकत काम कर रही है. वहीं प्रशासनिक सूत्र बता रहे कि श्यामलाहिल्स से इन पर कृपादृष्टि के लिए फोन घनघनाते है. यह बात स्थानीय भाजपा नेताओं को भी पता इसलिए वे चाहकर भी मातारानी पर मौन है? गढे़कर और श्यामलाहिल्स शब्द के मायने लोग खूब समझ रहे.

– डम्पर पकड़े भी तो बिना कार्रवाई छोड़े …

कुछ दिनों पहले शाहपुर पुलिस (Police) ने मातारानी के दो डंपर पकड़े भी थे पर उन्हें छोड़ना पड़ा कारण यह है कि राजधानी से कोई फोन आ गया था. खनिज विभाग भी दबे स्वर में राजधानी के फोन के सामने अपनी बेबसी भी जाहिर कर चुका है! भोपाल (Bhopal) के फोन पर बिना रायल्टी के चल रहे डम्पर छोड़ने का मामला जब सत्ता पक्ष के एक पूर्व विधायक तक भी पहुँचा तो उन्होंने कन्फर्म करने के बाद मातारानी को लेकर हाथ खड़े कर दिए?

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