Monday , 26 July 2021

उपचार के अभाव में 5 साल की बच्ची की मौत, अस्पताल जाने को नहीं मिला वाहन

सूरत (Surat) . शहर में कोरोना संक्रमण बढ़ने से लगाए गए रात्रिकालीन कर्फ्यू के दौरान कई लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. कर्फ्यू की वजह से श्रमिक परिवार की पांच साल की बच्ची को अस्पताल ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला. बच्ची को उठाकर मां दौड़कर अस्पताल पहुंचना चाहती थी. लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया.

सूरत (Surat) के पांडेसरा क्षेत्र के गोवालक नगर निवासी श्रमिक परिवार की 5 वर्षीय अर्चना छोटुनाथ मिस्त्री की कल देर रात तबियत अचानक बिगड़ गई. रात 9 से 9.30 बजे के दौरान अर्चना को उल्टी-दस्त होने लगे. एक तो अर्चना की मां के पास मोबाइल नहीं था और दूसरा रात्रिकालीन कर्फ्यू की वजह से सड़क कोई वाहन नहीं दिख रहा था. बच्ची की हालत बिगड़ती देख मां ने उसे गोद में उठाया और अस्पताल की ओर दौड़ पड़ी. शहर के आशापुरी ब्रिज के निकट एक ऑटो रिक्शा मिली, लेकिन उसने कर्फ्यू होने से अस्पताल ले जाने से इंकार कर दिया. बेटी को लेकर फिर एक बार मां दौड़ने लगी. दौड़ते दौड़ते सोशियो सर्कल तक पहुंच गई. तब उसे अहसास हुआ कि बेटी निष्प्राण हो चुकी है. बेटी की मौत पर मां वहीं आक्रंद करने लगी और उसे गोद में उठाकर वापस घर लौट आई. कुछ देर में बच्ची के पिता और मामा नौकरी से घर आ गए. एम्ब्युलैंस 108 को फोन कर बच्ची की मौत के बारे में जानकारी दी.

मौत की खबर सुनकर एम्ब्युलैंसकर्मी ने तुरंत पुलिस (Police) को इत्तला दे दी. रातभर बच्ची के शव का शव घर में रखा रहा, सुबह पुलिस (Police) आई और बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए नए सिविल अस्पताल भेज दिया. मृतक बच्ची के मामा राजा शर्मा ने बताया कि अर्चना अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी. छोटुनाथ मिस्त्री बिहार (Bihar) जिले के अरवल जिले के निवासी है और एक महीने पहले ही रोजगार के लिए सूरत (Surat) आया था.

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