Thursday , 15 April 2021

कालाबाजारी में लीपापोती, ९ हजार लीटर कैरोसिन हुआ था जब्त

जबलपुर, 05 जनवरी . fिजले की राशन दुकानों में जिम्मेदार विभाग के गैरजिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से जिले में तेजी से कैरोसिन की कालाबाजारी का खेल चल रहा है. जिसके चलते कालाबाजारी करते पकड़े जाने के बावजूद राशन दुकानदारों के खिलाफ न तो कोई सख्त कार्रवाई हो पा रही है न हीं एफआईआर. आलम यह है कार्रवाई के बजाए जिम्मेदार विभागों के गैर fिजम्मेदार अधिकारी ही मामलों की लीपापोती में जुट जाते हैं. प्रशासनिक
सूत्रों के अनुसार धनवंतरी नगर में एक राशन दुकान में 9 हजार लीटर कैरोसिन अवैध रूप से पाए जाने के लगभग एक पखवाड़ा होने के बावजूद अब तक न तो राशन दुकानदार के खिलाफ एफआईआर (First Information Report) दर्ज कराई गई न हीं राशन दुकान निलंबित की गई. कैरोसिन जब्त कर किसकी सुपुर्दगी में दिया गया यह भी जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी बताने से कतरा रहे हैं. प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो पूरे मामले में लीपापोती की जा रही है जिससे राशन
दुकानदार को ही नहीं जब्त कैरोसिन को भी बचाकर ठिकाने लगाया जा सके.

एक पखवाड़े पहले हुई कार्रवाई……………

धनवंतरी नगर स्थित एक राशन दुकान में 22 दिसंबर को जिला प्रशासन की टीम ने आपूर्ति विभाग एवं पुलिस (Police) के साथ एक राशन दुकान में छापा मार कर 9 हजार लीटर कैरोसिन जब्त किया. पीओएस मशीन में स्टॉक 2414 लीटर दर्ज था जबकि मौके पर इससे 7 हजार लीटर अधिक यानि 9 हजार लीटर कैरोसिन पाया गया. बताया गया कि कैरोसिन जब्त करते हुए राशन दुकान क्रमांक 3316331 के संचालक सोनू जायसवाल के खिलाफ ईसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है. जांच दल ने बताया था कि दुकान में पाई गई अनियमितताओं के बाद न सिर्फ राशन दुकान को निलंबित किया जा रहा है बल्कि प्रकरण तैयार कर कलेक्टर (Collector) न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है. इस मामले में अब तक सिर्फ कलेक्टर (Collector) न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करने की कार्रवाई की गई इसके अलावा न तो कैरोसिन जब्ती के विषय में विभाग ने स्पष्टीकरण दिया न हीं एफआईआर (First Information Report) के विषय में. धनवंतरी नगर में डिप्टी कलेक्टर (Collector) कलावती ब्यारे के
नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सुधीर दुबे, संजय अग्रवाल, सुचित दुबे एवं गढ़ा थाने के एसआई सहित अन्य पुलिस (Police) कर्मी मौजूद रहे.

अरसे से चल रही थी कैरोसिन की कालाबाजारी………..

प्रत्यक्षदर्शियों एवं आस-पास के लोगों के अनुसार राशन दुकान से अरसे से कैरोसिन की कालाबाजारी का खेल चल रहा था. सूत्रों के अनुसार जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग लाख दावे करे कि कैरोसिन और राशन पर्याप्त मात्रा में वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच रहा है लेकिन जिला प्रशासन के सामने बड़े पैमाने पर सामने आ रही कालाबाजारी जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दावों की पोल खोलने काफी हैं. कालाबाजारी के इस मामले में की जा रही लीपापोती से प्रतीत हो रहा है कि किस तरह इस तरह के मामले सामने आने के बाद भी विभाग के गैर जिम्मेदार अधिकारी कालाबाजारियों को बचाने के प्रयास में जुट जाते हैं.

बगैर सूचना पटल के चल रही थी राशन दुकान……………

इस राशन दुकान पर कार्रवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि राशन दुकान बगैर किसी सूचना पटल के संचालित हो रही थी. डिप्टी कलेक्टर (Collector) कलावती ब्यारे ने बताया कि इस संबंध में मिली सूचना पर जब सुबह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग एवं गढ़ा थाना पुलिस (Police) के साथ मौके पर दबिश दी गई तो मौके पर राशन दुकान में कोई सूचना पटल भी नहीं लगा हुआ था. जिसके चलते दुकान ढ़ूंढने में असुविधा हुई. खासी मशक्कत के बाद स्थानीय जनों से संपर्क कर पता लगा कि
राशन दुकान बिना सूचना पटल के ही चल रही है.

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