Wednesday , 23 June 2021

गांव आबाद होने से पहले पलायन शुरू, “आप” के 350 कार्यकर्ताओं ने दिया इस्तीफा

राजकोट (Rajkot) . गुजरात (Gujarat) के स्थानीय निकाय चुनाव में पहली बार कुछ सीटों पर खाता खोलने वाली आम आदमी पार्टी (पार्टी) में बगावत शुरू हो गई है. गांव आबाद होने से पहले पलायन का दौर शुरू हो गया है. आप के गुजरात (Gujarat) प्रदेश प्रमुख गोपाल इटालिया, राजकोट (Rajkot) शहर प्रमुख राजभा झाला और उप प्रमुख के तानाशाही रवैये से नाराज 350 जितने कार्यकर्ताओं ने पार्टी से आज इस्तीफा दे दिया है.

आप के सेंट्रल जोन के प्रभारी इंदुभा राओल ने आज पत्रकार परिषद में बताया कि आम आदमी पार्टी की ईमानदार और पारदर्शक छवि को ध्यान में रख समाज सेवा के उमदा उद्देश्य से हमने “आप” का दामन थामा था और पार्टी की ओर से दी गई सभी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ पूरा किया. आप के तत्कालीन राजकोट (Rajkot) शहर प्रमुख राजभा झाला को हम अपना आदर्श मानते थे और उनके आदेश पर सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ दिन रात मेहनत करते थे. लेकिन उस वक्त राजभा झाला की संदिग्ध नीति-रीति के बारे में पार्टी हाईकमांड से शिकायत की थी. संभवत: राजभा झाला चुनाव में अपनी हार देख चुके थे और उस वजह तानाशाही पूर्ण और गलत फैसले किए, जो पार्टी के लिए हानिकारक थे.

इंदुभा ने आरोप लगाया कि आप में राजभा झाला तानाशाही चलाते हैं और वह किसी भी कार्यकर्ता की बात सुनने को तैयार नहीं हैं. पार्टी में शिवलाल बारसिया, अजीत लोखिल और राजभा झाला के अलावा किसी और की बात नहीं सुनी जाती, जिससे कार्यकर्ताओं में भयंकर नाराजगी है. इंदुभा ने बताया कि गत 15 तारीख को पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता आप के गुजरात (Gujarat) प्रदेश प्रमुख गोपाल इटालिया से राजभा और शिवलाल के खिलाफ शिकायत करने गए थे. लेकिन मीडिया (Media) को साथ देख गोपाल इटालिया भड़क गए और मीडिया (Media) को साथ पर लाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अनुशासनहीनता है. जब उनसे कहा गया कि मीडिया (Media) अपनी मर्जी से आए, इसके बावजूद गोपाल इटालिया शांत हुए.

इंदुभा राओल ने आरोप लगाया कि पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रम के लिए कार्यकर्ताओं से फंड वसूला जाता है. इस वजह से ज्यादातर कार्यकर्ता पार्टी से नाराज हैं. बता दें कि हाल में संपन्न स्थानीय निकाय चुनाव में पहली बार आप का गुजरात (Gujarat) में खाता खुला है. सूरत (Surat) नगर निगम चुनाव में आप ने 27 सीटें जीतकर विपक्ष बनकर उभरी है. आप की वजह से सूरत (Surat) नगर निगम में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला.

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