Wednesday , 22 January 2020
30,000 ब्रू जनजाति के शरणार्थियों को मिलेगी जमीन और भत्ता

30,000 ब्रू जनजाति के शरणार्थियों को मिलेगी जमीन और भत्ता


नई दिल्ली . अपने मूल स्थान से खदेड़े गए ब्रू जनजाति के शरणार्थियों को जमीन और भत्ता दिया जाएगा. दिल्ली में हुई बैठक के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और ब्रू शरणार्थियों के प्रतिनिधियों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए. गृह मंत्री ने कहा कि त्रिपुरा में लगभग 30,000 ब्रू शरणार्थियों को बसाया जाएगा. उन्होंने इसके लिए 600 करोड़ के पैकेज का भी ऐलान किया. दरअसल, 1997 में पड़ोसी राज्य में हुई हिंसा के बाद ब्रू जनजाति के लोगों ने भागकर शिविरों में शरण ली थी.

पिछले 22 साल से वे वहीं रह रहे हैं. वे भारत के बाहर से नहीं आए बल्कि यहीं की जनजाति से हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि ब्रू शरणार्थियों को 40 x 30 फीट का प्लॉट दिया जाएगा. साथ में उन्हें चार लाख रुपये का फिक्स डिपॉजिट भी दिया जाएगा. शाह ने कहा कि दो साल तक हर महीने उन्हें 5,000 रुपये की मदद राशि भी दी जाएगी. इसके अलावा मुफ्त में राशन दिया जाएगा. इस बैठक में त्रिपुरा और मिजोरम के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे.

ज्ञात रहे कि इस जनजाति के लोग लंबे समय से अपने ‘अधिकारों’ की मांग कर रहे थे. चुनाव के दौरान इनके लिए अलग से बूथ भी बनाया गया था. ब्रू समुदाय मुख्यतः त्रिपुरा, मिजोरम और असम में रहते थे. 1995 में ब्रू और मिजो जनजातियों में आपस में हिंसक झड़प शुरू हो गई. इसके बाद वे त्रिपुरा में शिविरों में रहने लगे. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने ब्रू शरणार्थियों की समस्या के समाधान को एक ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने इसके लिए पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को शुक्रिया भी कहा. मिजोरम के सीएम जोरामथांगा ने ब्रू शरणार्थियों के लिए गए इस फैसले पर खुशी जताई है.