Thursday , 3 December 2020

30 लाख कर्मचारियों को मोदी सरकार ने दी दीपावली की सौगात, विजयदशमी से पहले पैसा जारी होगा


नई दिल्ली (New Delhi) . बाजार के अंदर डिमांड में तेजी लाने के लिए मोदी सरकार (Government) लगातार कोशिश कर रही है. इसी कड़ी में बुधवार (Wednesday) को कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए प्रॉडक्टिविटी और नॉन-प्रॉडक्टिविटी लिंक्ड बोनस का ऐलान किया है. सरकार (Government) के ऐलान से 30 लाख 67 हजार नॉन-गजेटेड सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा. इस घोषणा के बाद सरकारी खजाने पर 3737 करोड़ का बोझ बढ़ेगा.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि बोनस को सिंगल इंस्टॉलमेंट में जारी होगा. यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए विजयादशमी से पहले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को जारी कर दिया जाएगा. जानकारी के मुताबिक बोनस का फायदा 17 लाख नॉन गजेटेड कर्मचारियों जिसमें रेलवे, पोस्ट ऑफिस, ईपीएफओ, ईएसआईसी के कर्मचारी शामिल है. इन्हें बोनस के रूप में करीब 2791 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे. बाकी 13 लाख कर्मचारियों को नॉन प्रॉडक्टिविटी लिंक्ड बोनस के रूप में 946 करोड़ जारी किए जाएंगे.

इसके पहले मोदी सरकार (Government) एलटीसी कैश वाउचर स्कीम लेकर आई थी. जैसा कि हम जानते हैं लीव ट्रैवल कंपेनसेशन का फायदा 4 सालों के ब्लॉक में मिलता है. वह ब्लॉक इसी साल यानी 2020 में समाप्त हो रहा है. कोरोना के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. इसकारण सरकार (Government) ने घोषणा की थी कि एलटीसी का तीन गुना (guna) खर्च कर इसका फायदा उठाया जा सकता है. इसके अलावा 10 हजार रुपये के फेस्टिवल अडवांस की भी घोषणा की गई थी, जिसे सरकारी कर्मचारी उठा सकते हैं. कोरोना के कारण इंडियन इकॉनमी की हालत खराब है.

यह डिमांड और सप्लाई, दोनों तरफ से प्रभावित है. इसकारण बाजार में डिमांड को बूस्ट करने के लिए मोदी सरकार (Government) की तरफ से छोटे-छोटे और प्रभावी उपाय किए जा रहे हैं. बोनस की घोषणा से 30 लाख कर्मचारियों के हाथों में 3700 करोड़ जाएंगे. यह त्योहारी मौसम है. इसके बाद वे इस रकम को खर्च करने वाले है. इससे पहले 10 हजार फेस्टिवल अडवांस की जो घोषणा की गई थी, उसका भी मकसद खर्च में तेजी लाना है.