Tuesday , 27 October 2020

27 नक्षत्रों के अनुरूप वनस्पति का वृक्षारोपण कर नक्षत्र वाटिका विकसित

नक्षत्र वाटिका के प्रेरणा स्त्रोत भवानी सिंह राणावत ने बताया कि बुधवार (Wednesday) को अनुराधा नक्षत्र का योग बनने से अमृत सिद्धि मुहर्त पर श्री राम वाटिका आलोक स्कूल, सेक्टर 11 में 27 नक्षत्रों के अनुरूप 27 वृक्ष – वनस्पति का वृक्षारोपण किया गया और नक्षत्र वाटिका विकसित की गई. राणावत ने बताया यह नक्षत्र वाटिका संभवतः प्रदेश की पहली वाटिका है जहाँ जन्म ग्रह के आधार पर वनस्पति का वृक्षारोपण किया गया है. जन्म ग्रह के आधार वनस्पति की पूजा ग्रहदोष निवारण में सहायक होती है. नवीन पीढ़ी को संस्कृति, पर्यावरण एवं धर्म की रक्षा की समझ और भविष्य के लिए अमूल्य धरोहर प्रदान करने के उद्देश्य से भारत के अलग – अलग स्थानों से अमूल्य वनस्पति का एकत्रण किया गया और वृक्षारोपण किया गया.

वृक्षारोपण कार्यक्रम के संयोजक रणवीर सिंह जोलावास ने लगाए गए दुर्लभ एवं अमूल्य वृक्षों के नाम बताते हुए उनका संबंधित ग्रह, राशी एवं वनस्पति का आयुर्वेद में महत्व समझाया. लगाए गए वृक्षों में तुला राशी के लिए अर्जुन, वृषक के लिए बकुल, धनु के लिए साल, मकर के लिए कटहल, कन्या के लिए रीठा, सिंह के लिए ढाक, कर्क के लिए नागकेसर, मिथुन के लिए शीशम, कुंभ के लिए शमी, वृषभ के लिए जामुन, मीन के लिए आम, महुआ, नीम, कदम्ब, खेर, मदार, जलबेतस, चीड़, पाकड़, बरगद, पीपल, बाँस, गूलर के वृक्ष लगाए गए है एवं आने वाले समय में ग्रह अनुरूप फल एवं फूल वाटिका के साथ मेडिसन गार्डन विकसित किया जाएगा. आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने चंद्रमा की कलाओं के खगोलीय एवं ज्योतिष रहस्य का वनस्पति से संबंध समझाया.

वृक्षारोपण कार्यक्रम में वीरेंद्र श्रीमाली, चंद्रलेखा श्रीमाली, रतन लाल पालीवाल, राजेश्वरी राणावत, जगदीश श्रीमाली, सुर्यप्रताप सिंह राठौड़, राजेश गोड़, देवेंद्र श्रीमाली, शिव सिंह सोलंकी, चेतना श्रीमाली, महेश कुमावत, मनोहर सिंह सोलंकी, करण सिंह दुलावत, जितेंद्र श्रीमाली, शंकरलाल, भावेश पालीवाल, अक्षत गोड़, लता पालीवाल, पिंकी गौड़, भावना पालीवाल, गजेंद्र सिंह दुलावत, शैलेंद्र सिंह झाला, अंजलि दुलावत, जितेंद्र सिंह झाला एवं अन्य कई गणमान्य वृक्ष प्रेमी उपस्थित थे.