Wednesday , 22 January 2020
2.86 लाख करोड़ रुपए की विद्युत वितरण योजना का हो सकता है ऐलान

2.86 लाख करोड़ रुपए की विद्युत वितरण योजना का हो सकता है ऐलान

आगामी बजट में सरकार 2.86 लाख करोड़ रुपए की विद्युत वितरण योजना का ऐलान कर सकती है. सरकार की योजना में विद्युत क्षति को 12 फीसदी से कम करना, टैरिफ गैप के असर को कम करना और 25 करोड़ घरों समेत सभी विद्युत वितरण श्रृंखलाओं में अनिवार्य रूप में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाना शामिल है. 2.86 लाख करोड़ रुपए की यह योजना सभी नागरिकों को लगातार पॉवर सप्लाई सुनिश्चित करने पर केंद्रित है. इसके लिए सरकार राज्य की ओर से संचालित विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का निजीकरण करने और एक से अधिक सप्लाई, नेटवर्क और वितरण फ्रेंचाइजी तैयार करने जैसे मॉडल्स को अपना सकती है.

अटल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम इंप्रूवमेंट योजना हो सकता है स्कीम का नाम

लाइवमिंट की खबर के मुताबिक, इस स्कीम को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर फौरी तौर पर अटल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम इंप्रूवमेंट योजना (आदित्य) नाम दिया गया है. इस योजना में केंद्र सरकार की तरफ से 1.10 लाख करोड़ की फंडिंग दी जा सकती है. मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के मुताबिक, सरकार ने कुल विद्युत ट्रांसमिशन और व्यावसायिक नुकसान को शहरी क्षेत्रों में 10 फीसदी से कम और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 फीसदी से कम रखने का लक्ष्य रखा है. ससे पहले भारत के वितरण क्षेत्र के लिए इतने बड़े पैमाने पर कोई कोशिश नहीं की गई है. ]

50 फीसदी तक हो रहा है विद्युत वितरण में नुकसान

मौजूदा समय में जब कई राज्यों में विद्युत वितरण में नुकसान 50 फीसदी तक हो रहा है, यह स्कीम काफी महत्वपूर्ण हो जाती है. इलेक्ट्रिसिटी वैल्यू चेन में विद्युत वितरण कंपनियां सबसे कमजोर कड़ी हैं क्योंकि यहां कलेक्शन कम होता है, बिजली खरीदने की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, टैरिफ और सब्सिडी भुगतान में अपर्याप्त वृद्धि हो रही है और सरकारी विभागों पर देनदारी बढ़ती जा रही है. पॉवर जेनरेशन कंपनियों से खरीदी गई बिजली के लिए डिस्कॉम पर अक्टूबर अंत तक 80,656 करोड़ का कर्ज था.