हम चाहते हैं कि भारत ‘वर्ल्ड क्लास प्लेयर’ भी दे और ‘वर्ल्ड क्लास स्पोर्टस इक्विपमेंट’ भी बनाए: पीएम मोदी

New Delhi, 5 नवंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को ‘एशियन पैरा गेम्स 2026’ में हिस्सा लेने वाले भारतीय एथलीटों के साथ बातचीत की. New Delhi स्थित इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश का उद्देश्य ‘वर्ल्ड क्लास प्लेयर’ देने के साथ-साथ ‘वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स इक्विपमेंट’ बनाना भी है.
पीएम मोदी ने कहा, “ओलंपिक को ही ध्यान में रखते हुए इस बार लाल किले से मैंने टैलेंट हंट अभियान में युवाओं से आगे आने का आह्वान किया है. इन प्रयासों में पैरा गेम्स को उतना ही महत्व दिया जा रहा है. इसलिए आप जैसे जो खिलाड़ी निखर कर सामने आ रहे हैं, वो बिग इवेंट्स में देश का नाम रोशन कर रहे हैं. इस बार के पैरा गेम्स में भी हम ये उदाहरण देख पाए. इसी प्रतियोगिता में टॉप्स से मदद पाने वाले खिलाड़ियों ने 41 पदक जीते हैं, खेलो इंडिया के खिलाड़ियों ने 19 पदक जीते हैं. ये दिखाता है कि हमारे प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. हम चाहते हैं कि ‘India वर्ल्ड क्लास प्लेयर’ भी दे और ‘वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स इक्विपमेंट’ भी बनाए.”
उन्होंने कहा, “Government ने खेलो इंडिया ‘स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ को मंजूरी दी है. अब समय है, हमारी स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री भी नए कमाल करे. जब कोई भारतीय या विदेशी खिलाड़ी किसी मैदान पर उतरे तो, उसके स्पोर्ट्स गियर भी ‘मेड इन इंडिया’ हों और उसके कपड़े और जूते भी ‘मेड इन इंडिया’ हों.”
पीएम मोदी ने कहा, “कुछ दिन पहले ही, Government ने 1,800 करोड़ रुपए से अधिक के बजट के साथ ‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ को मंजूरी दी है. अब समय आ गया है कि हमारा खेल सामग्री निर्माण उद्योग कुछ कमाल कर दिखाए. जब भी कोई खिलाड़ी चाहे वह भारतीय हो या अंतरराष्ट्रीय, मैदान पर उतरे, तो उनके खेल उपकरण गर्व के साथ ‘मेड इन इंडिया’ (India में निर्मित) होने चाहिए. उनके जूते, कपड़े और अन्य उपकरणों पर भारतीय उत्कृष्टता की छाप होनी चाहिए. हमारा दोतरफा विजन है: India में विश्व स्तरीय खिलाड़ी तैयार करना और दुनिया भर के लिए विश्व स्तरीय खेल उपकरण बनाना.”
India ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक जीते, जिसमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं.
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आरएसजी/एबीएम


