शंघाई मास्टर्स: सेमीफाइनल में उलटफेर का शिकार हुए अलेक्जेंडर ज्वेरेव, डेविडोविच फोकिना ने हराकर बनाई फाइनल में जगह

शंघाई, 17 अक्टूबर . शंघाई मास्टर्स के सेमीफाइनल में एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना ने विश्व के नंबर 2 खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव को हराकर बड़ा उलटफेर किया है. यह स्पेनिश खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी जीतों में से एक है.
डेविडोविच फोकिना ने अपने करियर में दूसरी बार जर्मन खिलाड़ी ज्वेरेव को हराया. शंघाई के स्टेडियम कोर्ट पर खेले गए इस कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने ज्वेरेव को 5-7, 6-4, 6-3 से मात दी. यह मैच दो घंटे छह मिनट तक चला. विश्व के नंबर 26 रैंकिंग वाले खिलाड़ी डेविडोविच फोकिना पहला सेट हार गए थे, जो काफी कड़ा मुकाबला रहा. इसके बाद उन्होंने अपना खेल बेहतर किया, बेसलाइन पर शानदार प्रदर्शन दिखाया और दूसरे सेट के 10वें गेम में टॉप सीड ज्वेरेव की सर्विस तोड़ दी. उन्होंने 46 मिनट में दूसरा सेट अपने नाम कर लिया.
तीसरे सेट की शुरुआत में ज्वेरेव ने डबल फॉल्ट किया, जिससे डेविडोविच फोकिना को बड़ा फायदा मिला. इस मौके का फायदा उठाते हुए उन्होंने अपनी लय बनाए रखी और पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने संयम बनाए रखते हुए अपनी सर्विस पर तीसरा सेट जीता और अपने करियर के दूसरे एटीपी मास्टर्स 1000 के फाइनल में जगह बनाई.
एटीपी के अनुसार, कोर्ट पर दिए गए इंटरव्यू में डेविडोविच फोकिना ने कहा, “नतीजा क्या होगा, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मैं बस हर एक गेंद पर ध्यान दे रहा था. मुझे पता था कि अगर मैं पूरे मैच में डटा रहा, तो मुझे कम से कम एक मौका जरूर मिलेगा, और मुझे वह मौका दूसरे सेट में मिला. फिर तीसरे सेट में मुझे लगता है कि मैं शारीरिक रूप से बेहतर था. तीसरे सेट की शुरुआत में मिली ब्रेक (सर्विस तोड़ना) से मुझे काफी ताकत मिली. मैंने सिर्फ खेलने पर ध्यान दिया, नतीजे की परवाह नहीं की, बस खेल का आनंद लिया.”
तीसरे सेट में जब स्कोर 5-2 था और ज्वेरेव सर्विस कर रहे थे, तब डेविडोविच फोकिना के पास दो मैच प्वाइंट थे, लेकिन वे उन्हें भुना नहीं पाए. जर्मन खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और एक और गेम के लिए संघर्ष किया. हालांकि, यह संघर्ष ज्यादा देर तक नहीं चला, क्योंकि डेविडोविच फोकिना ने अपनी सर्विस बचाए रखी और सेट के साथ-साथ मैच भी जीत लिया.
डेविडोविच फोकिना ने कहा, “अंत में जब आप बाहर होते हैं तो चीजें आसान नहीं होतीं. आपके पास सोचने के लिए बहुत समय होता है. यहां होना और इस खेल को खेलना हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात है. इस समय ने मुझे यह सोचने का काफी मौका दिया कि मैं अपने भविष्य में क्या करना चाहता हूं.” फाइनल में डेविडोविच फोकिना का मुकाबला राफेल जोदार या डेनिल मेदवेदेव में से किसी एक से होगा.
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एसएम/डीकेपी


