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Thursday, 29 October 2026
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वाराणसी में भाजपा की हार पर बोले राजभर-ये पढ़े-लिखे लोगों का वोट है, असली ताकत विधानसभा चुनाव में दिखेगी

वाराणसी में भाजपा की हार पर बोले राजभर ये पढ़े लिखे लोगों का वोट है, असली ताकत विधानसभा चुनाव में दिखेगी

वाराणसी में भाजपा की हार पर बोले राजभर-ये पढ़े-लिखे लोगों का वोट है, असली ताकत विधानसभा चुनाव में दिखेगी

अंबेडकर नगर, 29 अक्टूबर . कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एमएलसी चुनाव को विधानसभा चुनाव से जोड़ने पर Samajwadi Party पर जोरदार निशाना साधा. वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी की हार को लेकर उन्होंने कहा कि ये पढ़े-लिखे लोगों का वोट है और आम जनता घर पर बैठी है. अखिलेश यादव के धांधली के आरोप पर राजभर ने कहा कि हिम्मत है तो सांसद-विधायक इस्तीफा दें. वहीं, कांग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए राहुल गांधी के वोट चोरी वाले बयान पर उन्होंने कहा कि बैलेट से भी कांग्रेस कई राज्यों में जीरो पर आउट हो गई.

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “14 लाख से ऊपर मतदाताओं ने इस चुनाव में भाग लिया और लगभग 6 लाख से ऊपर लोगों ने वोट दिया. अब विधानसभा के चुनाव में लगभग 14 करोड़ मतदाता हैं और कम से कम हमें अंदाज है कि 8 करोड़ से भी ज्यादा लोग वोट देंगे. विधानसभा के इतने बड़े चुनाव की तुलना अगर आप इस छोटे चुनाव से कर रहे हैं, तो यह आपकी समझ है लेकिन आप अध्ययन करिए, गांवों में जाइए. इस चुनाव में गांवों में वोट देने वाले कितने लोग थे? कहीं पांच, कहीं दो, कहीं आठ, कहीं छह, कहीं दस, कहीं बीस, कहीं पचास.”

उन्होंने कहा कि लेकिन गांवों में वोटरों की संख्या भी उठाकर देखिए. किसी गांव में 2000 हैं, तो कहीं 4000 हैं तो कहीं 1500 हैं. ऐसी स्थिति में, वो 50 का मुकाबला करने वाले लोग तो घर में बैठे हुए हैं. आम मतदाता, जो Government का फायदा ले रहा है, चाहे उसे आवास मिला हो, शौचालय मिला हो, सड़क बनी हो, आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल रहा हो, पेंशन मिल रही हो या Government की अन्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा हो, वह इस चुनाव का वोटर नहीं था.

ओपी राजभर ने कहा कि वह विधानसभा चुनाव का वोटर बनेगा. इसलिए इस चुनाव और विधानसभा चुनाव में जमीन-आसमान का फर्क है. इस चुनाव से विधानसभा चुनाव की तुलना, हमारे हिसाब से, कोई मतलब नहीं रखता.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि उनको बोलना चाहिए कि जब उन्होंने धांधली का आरोप लगाया है, तब न जीते हैं. उन्हें इस्तीफा दिलवा देना चाहिए कि धांधली से लोग गलती से जीत गए हैं. इस नाते हम सब लोग इस्तीफा दे रहे हैं. हिम्मत तो नहीं है. सांसद हैं, विधायक हैं और एमएलसी हैं. यदि ये सब धांधली और बेईमानी से जीत रहे हैं, तो इन सबको इस्तीफा दे देना चाहिए. यह सिर्फ कहने भर की बात है क्योंकि वे घबरा रहे हैं.

social media प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट को लेकर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी घूम-घूमकर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं. बैलेट पेपर की बात करते हैं. सारे विपक्ष के लोग भी बैलेट पेपर की बात करते हैं. बैलेट पेपर से चुनाव हुए तो कई राज्यों में कांग्रेस जीरो पर ऑल आउट हो गई. पूरा देश देख रहा है. अब तो ये कहने लायक भी नहीं रह गए कि बैलेट पेपर से चुनाव करा दो, तो हम जीत जाएंगे.

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बेचारे जीरो पर आ गए. एक भी सीट लड़ने के लिए उन्हें नहीं मिली और न ही कांग्रेस पार्टी लड़ पाई. अब आगे खेल देखिए. गोरखपुर में संजयन त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया जाता है और Samajwadi Party के राजीव यादव निर्दलीय लड़ते हैं. Samajwadi Party का वोटर राजीव यादव को वोट देता है और ब्राह्मण को बलि का बकरा बना देता है. संजयन त्रिपाठी को उनके गुणों के आधार पर चाहे जितना वोट मिला हो, लेकिन Samajwadi Party का कुल वोट राजीव यादव को मिला.

ओपी राजभर ने कहा कि यह क्या साबित करता है? किस पीडीए की बात करते हैं अखिलेश यादव? ये जिस पीडीए की बात कर रहे हैं, इनके यहां सिर्फ यादववाद है. यादव उम्मीदवार है, तो यादव को वोट मिलेगा. अगर दूसरी जाति का उम्मीदवार है, तो उसको वोट नहीं मिलेगा. यह आपने बगल के ही चुनाव गोरखपुर में देख लिया. अयोध्या जीते, बनारस जीते, मथुरा की बारी है. 2017 हारे, 2022 हारे और अब 2027 की बारी है.

वहीं, राजभर ने social media पर पोस्ट कर लिखा, “अखिलेश जी, एमएलसी चुनाव के नतीजों में आपकी पार्टी के प्रदर्शन की आपको बहुत बधाई. वैसे ये बताइए, अपने मित्र राहुल जी को बधाई दिए या नहीं?” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को प्रत्याशी तक नहीं मिला और जहां प्रत्याशी उतारे गए, वहां नतीजा ‘जीरो’ रहा. राजभर ने कर्नाटक का जिक्र करते हुए भी राहुल गांधी पर तंज कसा. सुभासपा प्रमुख ने कांग्रेस के खुद को सपा का ‘बड़ा भाई’ मानने पर सवाल उठाते हुए अखिलेश को नसीहत दी कि सीटों की मांग के समय कांग्रेस को एमएलसी चुनाव के नतीजे याद दिलाएं.

उन्होंने पूछा कि जब सपा के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे, तब कांग्रेस ने उनका समर्थन क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हिस्सा चाहिए ‘आधा’ और समर्थन देंगे ‘जीरो’. बड़ी नाइंसाफी है. बता दें कि उत्तर प्रदेश, Maharashtra, बिहार और कर्नाटक की 28 सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है. पार्टी ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन मात्र एक सीट जीत सकी. कर्नाटक में कांग्रेस की Government होने के बावजूद पार्टी चारों सीटें हार गई. कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर Prime Minister Narendra Modi ने भी social media पर तंज कसा है.

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केके/पीएम

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