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Saturday, 17 October 2026
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मेधावी छात्रों के लिए 12 हजार रुपए की छात्रवृत्ति, स्कूल ड्रॉप आउट दर कम करने का प्रयास

मेधावी छात्रों के लिए 12 हजार रुपए की छात्रवृत्ति, स्कूल ड्रॉप आउट दर कम करने का प्रयास

New Delhi, 15 अक्टूबर . कक्षा 8 के बाद कई छात्र स्कूल ड्रॉप आउट यानी स्कूल छोड़ देते हैं. ऐसे छात्रों को पढ़ाई छोड़ने से रोकने के लिए केंद्र Government ने राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना की तैयारी की है. इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को हर साल 12,000 रुपए की छात्रवृत्ति दी जाती है. ऐसे में आर्थिक संस्थानों के अभाव में उनकी पढ़ाई अधूरी नहीं रहती है.

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार नए आवेदनों के पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है. संस्थान स्तर पर आवेदनों का सत्यापन 15 नवंबर तक और जिला स्तर पर 30 नवंबर 2026 तक पूरा करना होगा. शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया समय पर पूरी करने पर जोर दिया गया है.

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और आवेदन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की. इसमें योजना की प्रगति की समीक्षा की गई. अधिकारियों को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से आवेदन, पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई. राज्यों की ओर से सामने आई समस्याओं पर भी चर्चा हुई.

राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने के लिए चलाई जाती है. इसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 8 के बाद विद्यार्थियों के पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति को कम करना और उन्हें कक्षा 12 तक शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को सालाना 12,000 रुपए की छात्रवृत्ति मिलती है. विद्यार्थियों के चयन के लिए संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश परीक्षा आयोजित करते हैं.

इसके बाद राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण, प्रमाणीकरण और छात्रवृत्ति का वितरण किया जाता है. मंत्रालय ने योजना के सभी पात्र विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति पहुंचाने और किसी भी पात्र विद्यार्थी की पढ़ाई बीच में न छूटने देने का लक्ष्य दोहराया है. कार्यशाला में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नए विद्यार्थियों के पंजीकरण, संस्थानों के पोर्टल से जुड़ने, आवेदनों के सत्यापन और प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी दिक्कतों पर विस्तृत चर्चा हुई. संस्थान और जिला स्तर के अधिकारियों को पोर्टल पर सत्यापन की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी दिखाया गया.

योजना के लाभार्थी विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए. कार्यशाला का नेतृत्व स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की आर्थिक सलाहकार ए. श्रीजा ने किया. मंत्रालय ने राज्य, जिला और संस्थान स्तर के अधिकारियों को आवेदनों का सही और समय पर सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. कार्यशाला में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने योजना लागू करने के अपने अनुभव साझा किए हैं. पंजीकरण, सत्यापन और छात्रवृत्ति वितरण को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार किया गया.

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जीसीबी/डीकेपी

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