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Friday, 6 November 2026
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मुंबई: सीबीआई का एक्शन, फ्यूचर रिटेल पर 904 करोड़ के बैंक घोटाले मामले में छापेमारी

Mumbai : सीबीआई का एक्शन, फ्यूचर रिटेल पर 904 करोड़ के बैंक घोटाले मामले में छापेमारी

Mumbai , 6 नवंबर . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने Mumbai की कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के खिलाफ 904.32 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया और छापेमारी की.

सीबीआई ने अपने एक आधिकारिक बयान में बताया कि जांच एजेंसी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की ‘स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच-III, Mumbai ’ की शिकायत पर फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) और इसके प्रमोटरों/प्रबंध निदेशकों/कार्यकारी निदेशकों/गारंटरों, जिनमें किशोर बियानी और राकेश बियानी के साथ-साथ अज्ञात लोक सेवकों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

इन पर धोखाधड़ी के लिए आपराधिक साजिश रचने और ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ के तहत अपराध करने का आरोप है. इस वजह से शिकायतकर्ता बैंक को कथित तौर पर 904.32 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.

आरोप है कि आरोपियों ने एक आपराधिक साजिश रची और शिकायतकर्ता बैंक तथा 9 बैंकों के एक समूह से क्रेडिट सुविधाएं जैसे- वर्किंग कैपिटल, टर्म लोन और लेटर ऑफ क्रेडिट हासिल कीं. यह कंपनी बिग बाजार, फैशन बिग बाजार और फूडहॉल जैसे हाइपरमार्केट और सुपरमार्केट जैसे कई रिटेल फॉर्मेट के जरिए अपना कारोबार चलाती थी.

कंपनी अपने स्टोर के माध्यम से एफएमसीजी और फैशन के सामानों की जनरल ट्रेडिंग में भी शामिल थी. कंपनी ने एसबीआई की कमर्शियल ब्रांच, फोर्ट, Mumbai से क्रेडिट सुविधा ली थी.

एजेंसी ने बताया कि कंपनी ने बैंक से मिले फंड का इस्तेमाल उसी काम के लिए नहीं किया, जिसके लिए उसे मंजूरी दी गई थी और इस तरह बैंक के साथ धोखाधड़ी की. इसके अलावा, यह भी आरोप है कि कंपनी ने अपने फंड को सहयोगी कंपनियों या उससे जुड़ी अन्य इकाइयों में भेज दिया, जिससे बैंक को नुकसान हुआ.

वहीं, Wednesday को मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने Friday को Mumbai में फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के प्रमोटरों/निदेशकों से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान जांच से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया.

इस साजिश की पूरी गहराई का पता लगाने, इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की पहचान करने और लोन के फंड का अंतिम इस्तेमाल कहां हुआ, यह पता लगाने के लिए सीबीआई की ओर से आगे की जांच जारी है.

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डीके/डीकेपी

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