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Sunday, 18 October 2026
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भारत-ईएफटीए समझौते से नॉर्वे के निवेशकों के लिए खुले नए अवसर, मैन्युफैक्चरिंग से ग्रीन एनर्जी तक बढ़ेगा सहयोग

भारत ईएफटीए समझौते से नॉर्वे के निवेशकों के लिए खुले नए अवसर, मैन्युफैक्चरिंग से ग्रीन एनर्जी तक बढ़ेगा सहयोग

भारत-ईएफटीए समझौते से नॉर्वे के निवेशकों के लिए खुले नए अवसर, मैन्युफैक्चरिंग से ग्रीन एनर्जी तक बढ़ेगा सहयोग

New Delhi, 18 अक्टूबर . India की मजबूत आर्थिक विकास दर और भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) नॉर्वे के निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर रहा है. उद्योग जगत के आकलनों के अनुसार, विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं.

ईवाई इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, India की जीडीपी वृद्धि दर 2030 तक औसतन 6.5 प्रतिशत के आसपास बनी रहने का अनुमान है. इसी के साथ यह उम्मीद जताई जा रही है कि दशक के अंत तक India दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग, बढ़ते निवेश, तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा और कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए किए जा रहे सुधार इस वृद्धि के प्रमुख आधार हैं.

अक्टूबर 2025 से लागू भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते को India और नॉर्वे के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है.

यह समझौता व्यापार उदारीकरण को बढ़ावा देने, निवेश प्रवाह को आसान बनाने और नवाचार, स्थिरता तथा उन्नत प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है.

समझौते के तहत 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता शामिल है. साथ ही इससे India में 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जो विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में India की स्थिति मजबूत करने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है.

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता नॉर्वे की तकनीकी विशेषज्ञता, स्थिरता-केंद्रित दृष्टिकोण और पूंजी-गहन उद्योगों की क्षमता को India के विशाल बाजार और विकास महत्वाकांक्षाओं के साथ जोड़ने का मजबूत अवसर प्रदान करता है.

सहयोग के लिए जिन प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है, उनमें विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस, समुद्री सेवाएं, समुद्री खाद्य प्रसंस्करण, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), फिनटेक और वित्तीय सेवाएं शामिल हैं. टीईपीए के तहत बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग से इन क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है.

India की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और डिजिटल भुगतान प्रणाली भी नॉर्वे की कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है. इससे उन्हें दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजारों में से एक तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है.

रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से India द्वारा उठाए गए नीतिगत कदम भी दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहे हैं. इससे India और नॉर्वे के बीच आर्थिक सहयोग के और मजबूत होने की संभावना है.

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डीबीपी

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