भारत-ईएफटीए टेपा के एक साल पूरे , व्यापार और निवेश की अड़चनें दूर करने को बनेगा विशेष समूह: सिबी जॉर्ज

New Delhi, 5 अक्टूबर . India और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए यानी टेपा) के लागू हुए एक साल पूरा हो गया है. इस बीच दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष समूह गठित करने पर सहमति जताई है. यह समूह दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने में आ रही अड़चनों की पहचान कर उन्हें दूर करने के उपायों पर चर्चा करेगा.

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने Monday को प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भारत-ईएफटीए टेपा को लागू हुए एक साल पूरा हो गया है और समझौते के तहत दोनों पक्षों की ओर से किए गए वादों के क्रियान्वयन में प्रगति हुई है.

उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi और स्विट्जरलैंड के President गाइ परमेलिन के बीच हुई बातचीत में टीईपीए के तहत चल रहे सहयोग के पूरे दायरे पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि इससे समझौते में शामिल प्रावधानों को लागू करने में मदद मिलेगी.

सिबी जॉर्ज ने कहा, “दोनों पक्षों ने एक विशेष समूह गठित करने पर सहमति जताई है, जो व्यापार और निवेश को और बढ़ावा देने तथा दोनों देशों के बीच मौजूद किसी भी अड़चन को दूर करने से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा करेगा.”

भारत-ईएफटीए टीईपीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता मार्च 2024 में हस्ताक्षरित हुआ था और यह 1 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ. ईएफटीए में स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं.

विदेश मंत्रालय के सचिव ने बताया कि स्विस President परमेलिन 7 अक्टूबर को आयोजित होने वाले प्रॉस्पेरिटी समिट में भी हिस्सा लेंगे. यह सम्मेलन भारत-ईएफटीए के लागू होने की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “प्रॉस्पेरिटी समिट India और ईएफटीए देशों के नीति-निर्माताओं तथा कारोबार जगत को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा. परमेलिन ने स्विट्जरलैंड के फेडरल काउंसलर फॉर इकोनॉमिक अफेयर्स, एजुकेशन एंड रिसर्च के रूप में टीईपीए की बातचीत और उसे अंतिम रूप देने में व्यक्तिगत रूप से योगदान दिया था.”

सिबी जॉर्ज ने बताया कि टीईपीए पर मार्च 2024 में हस्ताक्षर हुए थे और इसके बाद पिछले एक साल में समझौते के तहत की गई प्रतिबद्धताओं को लागू करने की दिशा में प्रगति हुई है. India और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक संबंधों के अलावा विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी सहयोग का लंबा इतिहास रहा है. India और यूरोपीय स्तर पर होने वाले सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय स्तर पर भी अंतरिक्ष क्षेत्र में संपर्क रहा है.

उन्होंने बताया, “स्विट्जरलैंड यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के कार्यक्रमों का हिस्सा है और द्विपक्षीय स्तर पर भी सहयोग को आगे बढ़ाया गया है. स्विट्जरलैंड के शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार राज्य सचिव ने 2024 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का दौरा किया था.”

India और स्विट्जरलैंड के बीच मौजूदा सहयोग को देखते हुए दोनों पक्ष अब व्यापार से लेकर विज्ञान, तकनीक और नवाचार तक रिश्तों को और व्यापक बनाने पर जोर दे रहे हैं.

परमेलिन की मौजूदा India यात्रा भी इसी व्यापक साझेदारी के संदर्भ में महत्वपूर्ण है. उनकी यात्रा के दौरान दोनों देशों ने माइग्रेशन और मोबिलिटी, युवा पेशेवरों के आदान-प्रदान, परिवहन तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्टार्टअप सहयोग सहित कई क्षेत्रों में समझौतों और व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाया है.

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केआर/

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