बांग्लादेश में कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यालय पर हमला, बीएनपी पर हिंसा के आरोप

New Delhi, 27 अक्टूबर . बांग्लादेश में बढ़ती Political हिंसा के बीच ढाका के पुराना पलटन इलाके में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ बांग्लादेश (सीपीबी) के मुख्यालय पर कथित तौर पर सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उससे जुड़े संगठनों के सदस्यों ने हमला किया. स्थानीय मीडिया ने Tuesday को यह जानकारी दी.
सीपीबी से जुड़े युवा और छात्र संगठनों जुबो यूनियन तथा बांग्लादेश स्टूडेंट्स यूनियन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ‘जय बांग्ला’ का नारा लगाने को लेकर बीएनपी और उससे जुड़े संगठनों जुबो दल तथा छात्र दल के सदस्यों ने उनके साथ मारपीट की.
बांग्लादेशी मीडिया संस्थान बीडी न्यूज 24 के अनुसार, यह घटना Monday रात छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष दीपक शील की हिरासत से रिहाई के बाद हुई. उनकी रिहाई के बाद छात्र संघ के सदस्यों ने पलटन इलाके में जश्न मनाते हुए एक रैली निकाली. इसी दौरान कथित तौर पर उन पर हमला किया गया.
इसके बाद हिंसा कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यालय मुक्ति भवन तक फैल गई. वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और उन्होंने परिसर में घुसकर हमला किया. छात्र संघ के अध्यक्ष माहिर शाहरियार ने Monday रात बीडी न्यूज 24 से कहा, “हमारे कार्यालय पर हमला हुआ है. हमलावर स्थानीय बीएनपी नेता हैं, संभवतः पलटन इकाई या उससे जुड़े संगठनों के सदस्य. वे हमें अवामी लीग का समर्थक बताने की कोशिश कर रहे हैं. केंद्रीय नेताओं और सहयोगी संगठनों के सदस्यों के साथ हम इस समय अंदर फंसे हुए हैं.”
सीपीबी नेताओं के अनुसार, दीपक शील की हिरासत से रिहाई के बाद पार्टी के केंद्रीय कार्यालय के सामने से एक जुलूस निकाला गया था. शील भी कार्यकर्ताओं के साथ पलटन चौराहे तक गए, जहां एक संक्षिप्त सभा हुई. बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जुबो दल और छात्र दल के सदस्य होने का दावा करने वाले लगभग 40 से 50 लोगों ने ‘जय बांग्ला’ के नारे पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई.
बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम आलो के अनुसार, जुबो दल और छात्र दल के सदस्यों ने इसके जवाब में ‘अवामी लीग का ठिकाना, इस बंगाल में नहीं होगा’ का नारा लगाया. काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच जुबानी टकराव चलता रहा. इसके बाद सीपीबी के दो कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया.
सीपीबी की प्रेसीडियम सदस्य जॉली तालुकदार ने प्रोथोम आलो से कहा, “Government को अपनी ही पार्टी के सदस्यों पर लगाम लगानी चाहिए. कोई Political दल के कार्यालय के सामने आकर हमला कैसे कर सकता है?”
‘जय बांग्ला’ के नारे पर प्रतिक्रिया देते हुए सीपीबी के महासचिव अब्दुल्ला काफ़ी रतन ने कहा, “‘जय बांग्ला’ हमारे मुक्ति संग्राम का नारा है. अगर किसी ने हमारे जुलूस के दौरान ‘जय बांग्ला’ का नारा लगाया भी, तो यह कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यालय पर हमला करने का बहाना नहीं हो सकता.”
–
डीएससी


