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Tuesday, 20 October 2026
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फ्रांस हिंसा: मार्सेय में सभी तरह के प्रदर्शन और सभाओं पर प्रतिबंध

फ्रांस हिंसा: मार्सेय में सभी तरह के प्रदर्शन और सभाओं पर प्रतिबंध

पेरिस, 19 अक्टूबर . दक्षिणी फ्रांस के बुशेस-डू-रोन Police प्रीफेक्चर ने Monday को मार्सेय शहर में दोपहर से रात 8 बजे (स्थानीय समय) तक सभी तरह की सभाओं और प्रदर्शनों पर रोक लगा दी है.

social media प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए ये सूचना प्रेषित की गई. दूसरी ओर फ्रांसीसी President इमैनुएल मैक्रों ने 17 अक्टूबर को हुई हिंसा, लूटपाट और उपद्रव करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है.

समाचार एजेंसी सिंहुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सप्ताहांत में यूरोप के प्रमुख शहरों की सड़कों पर हजारों लोग उतर आए थे. वे महंगाई, आवास की समस्या और खस्ताहाल सार्वजनिक सेवाओं को लेकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे थे.

फ्रांस और इटली में हिंसक झड़पों से लेकर पुर्तगाल में बड़े पैमाने पर रैलियों तक, सामाजिक अशांति की यह लहर पूरे महाद्वीप में गहरे होते सामाजिक-आर्थिक विभाजन और लोगों के बढ़ते असंतोष को दर्शाती है.

मैक्रों ने Saturday को सोशल प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि फ्रांस में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है.

उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने तोड़फोड़ की है, Governmentी कार्यालयों और व्यवसायों पर हमले किए हैं, और यहां तक ​​कि हमारे टाउन हॉल में लूटपाट भी की. उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन पर मुकदमा चलाया जाएगा और सजा भी दी जाएगी.”

फ्रांस में Saturday को देश भर में हुए प्रदर्शनों में लगभग 5,50,000 लोग शामिल हुए. इनमें किसान, ट्रेड यूनियन, जलवायु कार्यकर्ता और छात्र शामिल थे, जो ईंधन की ऊंची कीमतों, महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती से राहत की मांग कर रहे थे.

ये प्रदर्शन जल्द ही हिंसक झड़पों में बदल गए. फ्रांसीसी गृह मंत्रालय के अनुसार, 997 Police अधिकारी और सुरक्षाकर्मी घायल हुए, जिनमें से सात की हालत गंभीर है. वहीं, पूरे देश में 2,397 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

उत्तरी इटली में भी बढ़ती जीवन-यापन लागत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए. मिलान में, काले कपड़े पहन सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पियाजा डेल डुओमो को घेर लिया और Police पर हमला किया. इतालवी समाचार एजेंसी एएनएसए के अनुसार, इस दौरान चार अधिकारी और 20 प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि लगभग 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया.

बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में भी Police और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं. यहां छात्र और उनके समर्थक शिक्षा सुधारों और बढ़ती लागत के विरोध में सड़कों पर उतरे थे.

इसके अलावा, Saturday को लिस्बन, पोर्टो, कोइम्ब्रा और पुर्तगाल के अन्य शहरों में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया. वे किफायती आवास की मांग कर रहे थे और महंगाई को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग कर रहे थे.

Police के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने लिस्बन के मुख्य चौक पर दर्जनों तंबू लगा दिए. उन्होंने ऐसे बैनर ले रखे थे जिनमें ‘वल्चर रियल एस्टेट फंड’ (रियल एस्टेट में मुनाफाखोरी करने वाले फंड) पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून की मांग की गई थी. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये फंड प्रॉपर्टी की कीमतों में कृत्रिम उछाल (सट्टेबाजी) को बढ़ावा दे रहे हैं. इस दौरान वे “सट्टेबाजी मुर्दाबाद” और “हमें आवास और नौकरियां चाहिए” जैसे नारे लगा रहे थे. कई यूरोपीय नेताओं ने हिंसा की निंदा की है और उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प लिया है.

इटली की Prime Minister जॉर्जिया मेलोनी ने Saturday को इस अराजकता की कड़ी निंदा की. उन्होंने social media पर लिखा: “प्रदर्शन करना एक अधिकार है, लेकिन हमारे शहरों में आग लगाना नहीं.”

प्रदर्शनकारियों को ‘गुंडे’ बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने विरोध-प्रदर्शनों का फायदा उठाकर अराजकता फैलाई, लोगों की सुरक्षा में तैनात कर्मियों पर हमले किए और पूरे शहरों को बंधक बना लिया. उन्होंने कहा: “ऐसी घटनाओं को देखकर, सभी को एक साथ मिलकर इनका विरोध करना चाहिए. अगर कोई चुप रहता है, तो इसका मतलब है कि वह इसे सही ठहरा रहा है. ऐसी खामोशी बर्दाश्त नहीं की जा सकती.”

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केआर/

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