नवरात्रि पर एफडीए की बड़ी कार्रवाई, 12.74 करोड़ रुपए का मिलावटी और खराब खाना जब्त, 68 लाइसेंस सस्पेंड

Mumbai , 25 अक्टूबर . नवरात्रि और दीपावली त्योहारों के मद्देनजर Maharashtra के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पूरे राज्य में बड़ी कार्रवाई की है. इस विशेष ‘त्योहारी कार्रवाई’ के दौरान लगभग 12.74 करोड़ रुपए का मिलावटी, खराब और प्रतिबंधित सामान जब्त किया गया है. साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले 68 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं.
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में यह अभियान, Mumbai , कोंकण, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और अमरावती, इन सातों डिवीजनों में चलाया गया.
अभियान में सबसे चौंकाने वाला खुलासा ठाणे और पुणे जिलों में हुआ. जांच में पता चला कि नष्ट करने के लिए भेजे गए एक्सपायर और खराब खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के बजाय वापस बाजार में बेचा जा रहा था. इस मामले में 48.09 लाख रुपए मूल्य का 8,392 किलोग्राम स्टॉक पकड़ा गया.
एफडीए के अनुसार, संबंधित कंपनियां डिस्पोजल का पूरा रिकॉर्ड नहीं दे पाईं. इस मामले में 5 लाइसेंस निलंबित कर आपराधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं.
छत्रपति संभाजीनगर संभाग में एक ही दिन में दो कोल्ड स्टोरेज पर कार्रवाई कर 1,97,480 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया गया, जिसकी कीमत 4.19 करोड़ रुपए थी. इसमें मिर्च पाउडर, किशमिश, गुड़ और मक्खन शामिल था. दोनों कोल्ड स्टोरेज के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं.
पूरे राज्य में कुल 3,74,762 किलोग्राम और 28,297 लीटर घटिया, मिलावटी और गलत लेबल वाला स्टॉक जब्त किया गया, जिसकी कीमत 9.11 करोड़ रुपए है. इसमें खाद्य तेल, मसाले, दुग्ध उत्पाद, मिठाइयां, फरसान, चाय और सूखे मेवे शामिल थे.
प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और फ्लेवर्ड तंबाकू के खिलाफ कार्रवाई में वाहनों सहित 3.15 करोड़ रुपए का सामान जब्त किया गया. इस मामले में 22 First Information Report दर्ज कर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
पालघर के मनोर में एक आयशर ट्रक से 1.51 करोड़ रुपए का स्टॉक जब्त कर 8 लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज की गई. जालना में 83.35 लाख रुपए, Mumbai में 4 मामलों में 24.61 लाख रुपए का सामान पकड़ा गया. मलाड वाले मामले में मकोका के तहत जांच की मांग की गई है.
निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर रसोई और ड्रेनेज में गंदगी, कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी, शाकाहारी और मांसाहारी भोजन एक साथ रखने और बिना अनुमति वाले फूड कलर्स के इस्तेमाल जैसी गंभीर कमियां पाई गईं. इसके चलते 68 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए, 7 को बंद करने का निर्देश दिया गया और 4 से 1.30 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया.
आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा, “खाद्य सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. नष्ट करने के लिए चिह्नित खाद्य पदार्थों को वापस बाजार में लाना अत्यंत गंभीर मामला है. त्योहारी सीजन में निरीक्षण जारी रहेगा.”
एफडीए के मुताबिक, नागरिक टोल-फ्री नंबर 1800 22 2365 या आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
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एससीएच/एबीएम


