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Tuesday, 20 October 2026
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कोलकाता भगदड़: मृतकों के परिजनों से 20-21 अक्टूबर को मिलेंगे सीएम अधिकारी, मुआवजे के चेक सौंपेंगे

कोलकाता भगदड़: मृतकों के परिजनों से 20 21 अक्टूबर को मिलेंगे सीएम अधिकारी, मुआवजे के चेक सौंपेंगे

कोलकाता भगदड़: मृतकों के परिजनों से 20-21 अक्टूबर को मिलेंगे सीएम अधिकारी, मुआवजे के चेक सौंपेंगे

कोलकाता, 18 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने Sunday को भवानी भवन में उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने घोषणा की कि दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से 20 और 21 अक्टूबर को मुलाकात कर उन्हें मुआवजे के चेक सौंपेंगे.

उन्होंने यह भी बताया कि भगदड़ में अपनी भूमिका की जांच के लिए गठित होने वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) से कोलकाता Police, कोलकाता नगर निगम (केएमसी) और राज्य अग्निशमन सेवा विभाग के कर्मियों को बाहर रखा गया है. Chief Minister के अनुसार, मृतकों में से एक बिहार का निवासी था.

Chief Minister अधिकारी ने कहा, “मृतकों में से एक बिहार का रहने वाला है. शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. आईसीयू में भर्ती दो घायलों की हड्डियों में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि शेष 23 घायलों को अस्पताल से छुट्टी देने के लिए फिट घोषित किया गया है. मैं दो दिनों के भीतर प्रत्येक मृतक के परिवार से मिलूंगा और व्यक्तिगत रूप से मुआवजे का चेक सौंपूंगा.”

उन्होंने कहा कि ऐसी घटना के बाद जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए. पश्चिम बंगाल 10.5 से 11 करोड़ की आबादी वाला बड़ा राज्य है और यहां सभी लोग दुर्गा पूजा का त्योहार मना रहे हैं. ऐसे में सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है. प्रशासनिक चूक की समीक्षा की गई है. भगदड़ में जान गंवाने वाले 19 लोगों में से 18 पश्चिम बंगाल के निवासी थे.

Chief Minister ने बताया कि प्रत्येक मृतक के परिवार के साथ अंतिम संस्कार होने तक नागरिक प्रशासन के एक अधिकारी, Police प्रशासन के एक अधिकारी और स्थानीय विधायक की टीम मौजूद रहेगी.

दुर्गा पूजा पंडाल में व्यवस्था को लेकर Chief Minister ने कहा कि नागरिक स्वयंसेवकों की भर्ती 2024-25 में की गई थी. प्रशासन हर साल लोगों को नियुक्त करता है और इस बार पुरानी सूची से ही स्वयंसेवकों को लिया गया था. कोई नया व्यक्ति नियुक्त नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि प्रशासन से सूची मांगी गई है और उसकी जांच की जानी चाहिए. तथ्यों की पड़ताल किए बिना किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा.

उन्होंने बताया कि बारिश शुरू होने के बाद रस्सी छोड़ दी गई थी. वहां दो लेन की उचित व्यवस्था नहीं थी. रस्सियों से अस्थायी रास्ता बनाया गया था और लोगों को रोकने के लिए रस्सियों की एक श्रृंखला बनाई गई थी. यह श्रृंखला टूट गई, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई.

घटना के बाद की गई कार्रवाई के बारे में Chief Minister ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत सात लोगों को गिरफ्तार कर Police हिरासत में रखा गया है. Governor और केंद्रीय गृह मंत्री ने भी अस्पताल का दौरा किया. Chief Minister ने कहा कि वह मुख्य सचिव, Police आयुक्त, गृह सचिव, Police महानिदेशक (डीजीपी) और अन्य अधिकारियों की सहायता से स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं.

उन्होंने कहा कि पूरी Government सक्रिय रूप से स्थिति से निपटने में जुटी है. Government न तो छुट्टी मना रही है और न ही social media पर कुछ पोस्ट कर रही है. किसी अन्य पर आरोप लगाते हुए प्रेस में बयान भी नहीं दिए जा रहे हैं.

Chief Minister ने आगे बताया कि एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) भी गठित की जा रही है, जो मौजूदा न्यायाधीश के नेतृत्व में काम करेगी. इसके लिए मुख्य सचिव कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेंगे. अनुमति मिलने पर जल्द से जल्द एसआईटी का गठन किया जाएगा.

अधिकारी ने कहा कि 26 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विजय सम्मिलनी कार्यक्रम में Government भगदड़ में जान गंवाने वाले 19 लोगों को श्रद्धांजलि देगी. इसी कार्यक्रम में घायल हुए 25 लोगों के परिजनों को भी पांच-पांच लाख रुपये के चेक सौंपे जाएंगे.

इससे पहले, Sunday को Police ने कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के मामले में आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया. इस घटना में 19 लोगों की मौत हो गई.

उत्तर कोलकाता स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण भगदड़ मच गई. श्रद्धालु देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की झलक पाने के लिए पंडाल परिसर में उमड़ पड़े थे. इसी दौरान निकास द्वार की संरचना का एक हिस्सा ढह गया, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई.

घायलों को तत्काल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और दो अन्य Governmentी अस्पतालों में ले जाया गया. कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में करीब 17 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया घोषित किया गया था, जबकि 25 घायलों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. Sunday तक मृतकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई.

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डीएससी

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