कुलदीप को खेलने का मौका न मिलना एक ‘रहस्य’, टीम मैनेजमेंट को उन पर भरोसा नहीं: मनिंदर सिंह

New Delhi, 3 नवंबर . India के पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर मनिंदर सिंह ने कुलदीप यादव को लगातार खेलने का मौका न मिलने को एक ‘रहस्य’ बताया है. मनिंदर मानते हैं कि टीम मैनेजमेंट को इस बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर की काबिलियत पर पूरा भरोसा नहीं है.
कुलदीप ने 124 वनडे मैचों में 201 विकेट लिए हैं, जो India की मौजूदा टीम के किसी भी अन्य गेंदबाज से ज्यादा हैं. इसके बावजूद न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में हुई टी20 सीरीज (जिसे India ने 3-2 से जीता) में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. उपमहाद्वीप के बाहर, कुलदीप का चयन न होने के पीछे अक्सर ‘टीम बैलेंस’ का तर्क दिया जाता है.
हेड कोच गौतम गंभीर ऐसी टीम चाहते हैं, जिसमें नंबर 8 तक बल्लेबाजी की गहराई हो. हार्दिक पंड्या के बाहर होने की वजह से India ने आमतौर पर तीन स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाजों को खिलाने का फैसला किया है. नतीजतन, पिछले दो वर्षों में सेना देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) में खेले गए India के 35 मुकाबलों में से कुलदीप सिर्फ 3 मैच में ही खेल पाए हैं. हालांकि, Wednesday से ऑकलैंड के ईडन पार्क में शुरू होने वाली 5 वनडे मैचों की सीरीज के लिए कुलदीप पर विचार किया जा सकता है.
मनिंदर ने Tuesday को सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क की तरफ से आयोजित एक वर्चुअल बातचीत के दौरान से कहा, “देखिए, मेरे लिए भी यह एक रहस्य बन गया है कि कुलदीप यादव को लगातार खेलने का मौका क्यों नहीं दिया जा रहा है. वह एक रिस्ट-स्पिनर हैं, जो वनडे और टी20 क्रिकेट में बहुत असरदार साबित होते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि अगर उन्हें सही भरोसा दिया जाए तो कुलदीप यादव टेस्ट क्रिकेट में भी बहुत कारगर साबित हो सकते हैं.
“आपको याद होगा कि डेढ़ साल पहले इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज हुई थी, जो 2-2 से बराबर रही थी, और हम सब उससे बहुत खुश थे. लेकिन मैं खुश नहीं था, क्योंकि मुझे पता है कि अगर हमने उन 5 टेस्ट मैचों में कुलदीप यादव को लगातार खिलाया होता तो India वह सीरीज 3-1 से जीत जाता. कुलदीप यादव पर मेरा इतना भरोसा था और आज भी है, लेकिन टीम मैनेजमेंट को उन पर पूरा भरोसा नहीं है, जिसकी वजह से उन्हें बार-बार मौके नहीं मिल रहे हैं, चाहे कोई भी फॉर्मेट हो. वह हर तरह के फॉर्मेट में अच्छा खेल सकते हैं. उनके पास ऐसी विविधताएं हैं, जिनकी हर फॉर्मेट में जरूरत होती है. रिस्ट स्पिनर, खासकर बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर, विश्व क्रिकेट में बहुत कम देखने को मिलते हैं.”
मनिंदर सिंह ने कुलदीप की मौजूदा स्थिति की तुलना पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर मुरली कार्तिक से करते हुए कहा, “ऐसे में, यह ज्यादा जरूरी होता कि हम उन्हें लगातार भरोसा देते. मुझे एक घटना याद है, जब मुरली कार्तिक बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन उस समय उनके कप्तान कौन थे? सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ – जो खुद बाएं हाथ के स्पिनरों को बहुत अच्छे से खेलते थे. गांगुली को लगता था कि मुरली कार्तिक में वह खूबी नहीं है जो बाकी गेंदबाजों में होती है. इसी वजह से उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले. कुलदीप यादव के साथ भी बिल्कुल ऐसा ही हो रहा है. उन्हें टीम मैनेजमेंट से वह भरोसा नहीं मिल पा रहा है. शायद कुछ खिलाड़ी और कप्तान ऐसे हैं जिन्हें लगता है कि वे कुलदीप के खिलाफ बहुत आसानी से खेल सकते हैं; इसलिए उन्हें लगता होगा कि बाकी दुनिया भी उनके खिलाफ आसानी से खेल लेती होगी, और शायद यही वजह है कि उन्हें मौके नहीं मिल रहे हैं. लेकिन मेरे लिए यह अभी भी एक रहस्य है – और हमेशा रहेगा – कि उन्हें इतने मौके क्यों नहीं दिए गए.”
India के सीम बॉलिंग विभाग में अनुभव की कमी है. टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं. मोहम्मद सिराज, जिन्होंने 51 वनडे मैचों में 77 विकेट लिए हैं, इस गेंदबाजी आक्रमण के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं.
ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी पहले मैच के बाद टीम से अलग हो रहे हैं, ताकि वे दो टेस्ट मैचों के लिए खुद को तैयार कर सकें. अर्शदीप सिंह, जिनके नाम 18 वनडे मैच हैं, इस गेंदबाजी समूह की अगुवाई करेंगे. इस समूह में गुरनूर बराड़ (9 मैच), अंशुल कंबोज और आकिब नबी (एक-एक मैच) शामिल हैं. इसके अलावा यश ठाकुर भी हैं, जिन्होंने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है और उन्हें केवल आखिरी दो मुकाबलों के लिए टीम में शामिल किया गया है.
अगर कुलदीप खेलते हैं तो उनका सामना डेरिल मिशेल से होगा. इस साल की शुरुआत में India में हुई वनडे सीरीज में मिशेल ने कुलदीप के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था, और न्यूजीलैंड ने वह सीरीज 2-1 से जीती थी. उस सीरीज में कुलदीप ने प्रति ओवर 7.28 रन दिए, जो उनके करियर की सबसे महंगी वनडे सीरीज रही. उन्होंने तीन मैचों में 60.7 की औसत से केवल तीन विकेट लिए. अब तक इन दोनों के बीच जो भी मुकाबले हुए हैं, वे सभी एशिया में हुए हैं. ऐसे में, न्यूजीलैंड में होने वाला यह मैच उनके बीच पहला वनडे मुकाबला हो सकता है.
वनडे मैचों में मिशेल का ‘स्वीप’ शॉट उनके लिए रन बनाने का एक भरोसेमंद हथियार रहा है. साल 2024 की शुरुआत से स्पिनर्स के खिलाफ इस शॉट का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने 109 गेंदों में 147 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 135 रहा है और इस शॉट को खेलते हुए वे अब तक कभी आउट नहीं हुए हैं. मनिंदर का कहना है कि भारतीय गेंदबाजों को मिशेल को सिर्फ रोकने के बजाय उनका विकेट लेने की कोशिश करनी चाहिए.
मनिंदर ने कहा, “जहां तक डेरिल मिशेल की बात है, वह एक बहुत ही सकारात्मक सोच वाले क्रिकेटर हैं. न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी लाइन-अप में वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो मिडिल ऑर्डर में बड़ा प्रभाव डालते हैं. इसलिए, अगर आप उनके खिलाफ गेंदबाजी कर रहे हैं, तो एक बात हमेशा ध्यान में रखें कि आपको उनका विकेट लेना ही है. अगर आपको लगता है कि आपको उन्हें और रन नहीं बनाने देने चाहिए तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं, क्योंकि तब आप बहुत सीधी और सपाट गेंदबाजी करने लगेंगे. चाहे स्पिनर हो या सीमर, गेंद शॉर्ट पड़ने लगती है. गेंद स्विंग या मूव नहीं करती, जिससे बल्लेबाज को फायदा मिल जाता है, लेकिन वह ऐसा खिलाड़ी हैं, जो गेंदबाजों पर दबाव बनाते हैं. उन्होंने India में भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया था, लेकिन वहां की पिचें अलग थीं. न्यूजीलैंड की पिचों पर गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलेगी, जिसका उन्हें फायदा उठाना चाहिए. भारतीय गेंदबाजों को एक बात सोचनी चाहिए कि उन्हें उसे आउट करना है, और ऐसा करते ही आप उनकी गेंदबाजी में धार देख पाएंगे.”
India के संभावित स्पिन कॉम्बिनेशन पर- जिसमें कुलदीप, अक्षर पटेल और नमन धीर विकल्प हैं- मनिंदर ने कहा, “सबसे पहले, मुझे लगता है कि स्पिन कॉम्बिनेशन पिचों, मैदानों और टीम मैनेजमेंट के भरोसे पर निर्भर करता है. हम लगातार कुलदीप यादव के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि टीम मैनेजमेंट को उन पर पूरा भरोसा है कि उन्हें लगातार मौके दिए जाएंगे. जहां तक नमन धीर की बात है, उनमें काफी क्षमता है. यह बहुत अहम है क्योंकि वह तेजी से रन बनाते हैं और एक बहुत अच्छे गेंदबाज भी हैं. इसलिए, उन्हें लगातार मौके मिलने चाहिए. यह बहुत महत्वपूर्ण है. मैं अक्षर पटेल के बारे में पहले ही बात कर चुका हूं – वह एक ऐसा खिलाड़ी है कि अगर मैच से पहले कोई उससे 2-5 मिनट भी बात कर ले, तो वह मैदान पर अपनी क्षमता दिखा सकता है.”
India को अभी भी सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की कमी खल रही है. वह आईपीएल 2026 के बाद से ही लगातार चोटों से जूझ रहे हैं. हाल ही में उन्हें पैर के निचले हिस्से (शिन) में समस्या हुई, जिसके कारण वह अक्टूबर में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ India ए की 50 ओवरों की सीरीज में नहीं खेल सके.
फिटनेस से जुड़ी लगातार समस्याओं के कारण हार्दिक आईपीएल 2026 के बाद से कोई मैच नहीं खेल पाए हैं. हाल ही में पैर की चोट के कारण वह ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ India ए के वनडे मैचों से बाहर हो गए. वर्ल्ड कप में अब एक साल से भी कम समय बचा है, ऐसे में हार्दिक की फिटनेस India के लिए चिंता का विषय है. मनिंदर ने कहा कि India को इस ऑलराउंडर की कमी साफ तौर पर खल रही है.
“जहां तक हार्दिक पंड्या की बात है, तो उनकी कमी भारतीय टीम को नुकसान पहुंचा रही है. हम सभी जानते हैं कि फिट होने पर वह कितने बेहतरीन ऑलराउंडर होते हैं. उनमें अकेले दम पर मैच जिताने की काबिलियत है, जो किसी भी टीम के लिए बहुत अहम है, खासकर तब, जब वह गेंदबाजी में भी अच्छा प्रदर्शन करते हों. उनके पास गेंदबाजी में अच्छी विविधताएं हैं, लेकिन अगर पीठ या हैमस्ट्रिंग की चोट की वजह से वह 100 प्रतिशत फिट नहीं हैं तो यह एक समस्या हो सकती है. जहां तक उनकी बल्लेबाजी का सवाल है, वह बहुत सक्षम बल्लेबाज हैं. हमने उन्हें अहम मौकों पर बड़े शॉट्स लगाते और रन बनाते देखा है. इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते समय सबसे जरूरी चीज होती है – मानसिक मजबूती.”
“वह मानसिक रूप से बहुत मजबूत हैं, इसलिए भारतीय टीम को निश्चित रूप से ऐसे खिलाड़ी की कमी खल रही होगी. लेकिन मुझे लगता है कि यह दूसरों के लिए एक मौका भी है – अगर टीम में कोई और ऑलराउंडर है, तो उसे खुद को साबित करने का अवसर मिल सकता है. यह एक तरह से ‘छिपा हुआ वरदान’ भी हो सकता है कि आपको उनके जैसा ही कोई दूसरा ऑलराउंडर मिल जाए.”
उन्होंने विस्तार से बताया, “हालांकि टीम मैनेजमेंट ने नीतीश (कुमार) रेड्डी पर काफी भरोसा जताया है, लेकिन वह लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. वह बार-बार चोटिल हो जाते हैं. इसलिए भारतीय टीम को हार्दिक पांड्या की कमी खल रही है. इसमें कोई शक नहीं है.”
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आरएसजी/डीकेपी


