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Tuesday, 20 October 2026
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एसआईआर रद्द हो, 13 करोड़ मतदाताओं को सूची से हटाया गया है : नसीम सिद्दीकी

एसआईआर रद्द हो, 13 करोड़ मतदाताओं को सूची से हटाया गया है : नसीम सिद्दीकी

Mumbai , 18 अक्टूबर . एनसीपी-एसपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने एसआईआर को रद्द करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी देश मतदाताओं की संख्या बढ़ाने की कोशिश करते हैं, लेकिन India में मतदाता सूची को कम किया जा रहा है. उन्हें फिर से नामांकित करने की जरूरत है.

सिद्दीकी ने कहा, “एसआईआर रद्द होना चाहिए. दुनिया के तमाम देश मतदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए कवायद करते हैं, मतदाता को नामांकित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन India एक ऐसा देश है जो अपने मतदाताओं की सूची को कम करने की बात कर रहा है. 140 करोड़ के इस देश में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से कम कर दिए गए हैं. देश में सभी लोग मतदाता नहीं हैं, लगभग 50-60 फीसदी लोग ही मतदाता होते हैं, बाकी कम उम्र के बच्चे होते हैं. उनमें भी जो India के मतदाता हैं, उनमें से 13 करोड़ लोगों को कम कर दिया गया है, कम से कम 20 से 25 फीसदी मतदाताओं को हटा दिया गया है, उन्हें फिर से नामांकित करने की आवश्यकता है.

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी भाजपा की Government है और केंद्र में भी भाजपा की Government है. सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का, जैसा चाहें, वैसा कर लें.

उन्होंने आगे कहा कि किसी भी नेक काम को करने के लिए किसी मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती है. अगर विशेष सत्र बुलाने की आवश्यकता है तो Government को बुलाना चाहिए. महिला आरक्षण पहले ही पास हो चुका है. इसमें भ्रम नहीं फैलाना चाहिए. सभी दलों ने महिला आरक्षण को एकमत से पारित किया है. उस महिला आरक्षण में जो ओबीसी महिलाएं हैं और ओबीसी महिलाओं में जो मुस्लिम महिलाएं हैं, उनके लिए आरक्षण दिए जाने की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि यह मांग बार-बार देश में उठती है, वरना इस संसद में फिर वही होगा कि जिनकी आबादी 7 प्रतिशत है, उनकी महिलाएं 70 प्रतिशत होंगी और India के ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं संसद तक नहीं पहुंच पाएंगी. इसलिए पिछड़ी महिलाओं, गरीब महिलाओं और अल्पसंख्यक महिलाओं को इसमें आरक्षण देने की आवश्यकता है. परिसीमन बिल की कोई आवश्यकता नहीं है. इसके बहाने कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना है. दक्षिण India की राजनीति को पूरी तरह से देश की संसद में समाप्त करने की जो योजना है, वह परिसीमन के जरिए उत्तर India में सारी सीटें लाने की है, दक्षिण India की सीटें कम करने की है, इसलिए इस परिसीमन बिल का विरोध हो रहा है.

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह दमनकारी Government है, संविधान को न मानने वाली Government है, लोकतंत्र का गला घोंटने वाली Government है. इसलिए इस लड़ाई में जो भी आएगा, उसे सिर पर कफन बांधकर आना चाहिए, यह समझ लेना चाहिए. अगर उन्हें गांधी बनना है, नेल्सन मंडेला बनना है, तो बड़ा त्याग करने की आवश्यकता है. ये गिरफ्तारियां होती रहेंगी, जमानत मिलती रहेगी, और आंदोलन जारी रहेगा.

रिजीम चेंज वाली टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि रिजीम चेंज होना ही चाहिए. जब कोई Government दमनकारी हो जाए, जब कोई Government हिटलरशाही हो जाए, जब कोई हिटलर के रोल में आ जाए, तो ऐसी Government को बदलना चाहिए. India में लोकतंत्र है. यहां कोई तख्तापलट नहीं हो रहा है, यह कोई Pakistan नहीं है कि सेना तख्तापलट कर देगी.

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केके/एबीएम

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