इंडिया ब्लॉक की रैली पर सियासी संग्राम, विपक्ष ने बताया ऐतिहासिक, एनडीए ने कहा फ्लॉप

New Delhi, 2 नवंबर . दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की रैली हुई. विपक्षी दलों का दावा है कि ऐतिहासिक रैली हुई, लोगों का जनसैलाब उमड़ा. दूसरी तरफ एनडीए नेताओं ने इंडिया ब्लॉक पर आरोप है कि 10 लाख लोगों के जुटने का दावा फेल हो गया, रैली फ्लॉप रही.
बिहार से राष्ट्रीय जनता दल के नेता भाई वीरेंद्र ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा डर गई है. देशभर के अलग-अलग राज्यों और 21 अलग-अलग पार्टियों के लोग वहां इकट्ठा हुए और उन्होंने दिल्ली को हिला दिया. Prime Minister, गृह मंत्री और उनकी पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं को सामने आना पड़ा. जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा नहीं होता, इसी तरह का आंदोलन होता रहेगा. देश की जनता जान चुकी है कि वोट की चोरी हुई है.
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की बौखलाहट है. अगर उन्हें इस बात का डर नहीं था कि रैली में भारी भीड़ जुटने वाली है, तो फिर ट्रेनें क्यों रद्द की गईं और लोगों को क्यों रोका गया? वे जानते थे कि यह अब किसी एक पार्टी या गठबंधन का आंदोलन नहीं रह गया था, बल्कि जन आंदोलन बन चुका था. जिस उत्साह के साथ देश के कोने-कोने से कार्यकर्ता यहां पहुंचे, उसमें सबसे बड़ी भूमिका मेरे उत्तर प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की रही. मैं गर्व के साथ उनका आभार व्यक्त करती हूं.
दूसरी ओर Rajasthan Government में मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस ने गठबंधन के नाम पर एक रैली आयोजित करने की कोशिश की. यह रैली पूरी तरह से फ्लॉप रही. इसका पहला संकेत Rajasthan में मिला, जहां पार्टी ने सबसे ज्यादा जोर लगाया था और एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा था. सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया गया था कि वे एक लाख लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करें और उन्हें चेतावनी भी दी गई थी कि अगर वे ऐसा करने में नाकाम रहे, तो उन्हें उनके पदों से हटा दिया जाएगा या उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा. इसके बावजूद Rajasthan से रैली में लक्ष्य का 10 प्रतिशत हिस्सा भी नहीं पहुंच पाया.
उत्तर प्रदेश Government में राज्य मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि रैली में कई प्रमुख पार्टियां एक मंच पर इकट्ठा हुईं. हालांकि ये पार्टियां अपने-अपने राज्यों में अलग-अलग चुनाव लड़ती हैं लेकिन दिल्ली में वे एकजुटता दिखाने के लिए एक मंच पर आ जाती हैं. इसके बावजूद हालात ऐसे हैं कि वे कुर्सियां तक नहीं भर पाईं.
उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान इतनी भीड़ तो भाजपा मंडल कार्यक्रमों में जुटा सकती है.
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि एक अच्छी बात यह है कि उन्होंने एक ‘मॉक पार्लियामेंट’ का आयोजन किया. जब असल संसद का सत्र चल रहा होता है, तब राहुल गांधी और कांग्रेस नेता किसी सार्थक चर्चा में हिस्सा नहीं लेते. अब इस ‘मॉक पार्लियामेंट’ के जरिए वे जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी ये कोशिशें नाकाम रहेंगी. लोग उनका साथ नहीं देंगे.
भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि राहुल गांधी और पूरा विपक्ष एक बार फिर देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. लोकतंत्र में उन्हें सवाल पूछने और Government की आलोचना करने का पूरा अधिकार है. वे मोदी Government और भाजपा से सवाल पूछ सकते हैं, और हम उन्हें कड़ा जवाब देंगे, लेकिन मोदी का विरोध करते-करते वे असल में देश का ही विरोध कर रहे हैं. आज India वैश्विक स्तर पर तरक्की कर रहा है. क्या उन्हें यह दिखाई नहीं देता? क्या इसी बात से उन्हें परेशानी हो रही है.
भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी के बयान पर तंज कसा.
उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi कहां जा रहे हैं? राहुल गांधी को भी पता है कि पीएम मोदी कहीं नहीं जा रहे हैं. Narendra Modi अगले कार्यकाल में भी Prime Minister के तौर पर देश का नेतृत्व करते रहेंगे. देश की जनता उनके साथ खड़ी है. राहुल गांधी यह बात बहुत अच्छी तरह जानते हैं, इसीलिए उन्होंने कहा कि वे उन्हें जाने नहीं देंगे.
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डीकेएम/वीसी


