
जम्मू, 3 जुलाई . जम्मू-कश्मीर के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने श्री अमरनाथ यात्रा-2026 को लेकर श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह जारी की है. विभाग ने अपने आधिकारिक social media अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अमरनाथ यात्रा मार्ग पर प्रतिदिन यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या निर्धारित की गई है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा के सुचारु संचालन के लिए इस निर्धारित सीमा का पालन करना अनिवार्य है.
विभाग ने बताया कि यात्रा शुरू होने से काफी पहले ही देशभर की विभिन्न बैंक शाखाओं और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए एडवांस पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहले से ही अपना पंजीकरण कराकर इस सुविधा का लाभ उठाया है. इसी कारण तत्काल पंजीकरण के लिए उपलब्ध स्लॉट बेहद सीमित हैं.
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे एडवांस पंजीकरण कराने के बाद ही जम्मू-कश्मीर पहुंचें. प्रतिदिन बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण के पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं को तत्काल श्रेणी में समायोजित करना संभव नहीं है. ऐसे श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे अपने क्रम की प्रतीक्षा करें और प्रशासन द्वारा आवंटित तिथि के अनुसार ही यात्रा करें.
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि कई पंजीकृत श्रद्धालु अपनी निर्धारित यात्रा तिथि से पहले ही जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं. प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी श्रद्धालु को उसकी पंजीकरण तिथि से पहले यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसलिए सभी श्रद्धालु केवल अपनी पंजीकृत तिथि के अनुसार ही यात्रा के लिए आएं.
इसके अलावा बिना पंजीकरण के जम्मू-कश्मीर पहुंच चुके श्रद्धालुओं से भी धैर्य बनाए रखने और अपने क्रम का इंतजार करने की अपील की गई है. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के दर्शन का अवसर मिलेगा लेकिन यह निर्धारित प्रक्रिया और प्रतिदिन उपलब्ध क्षमता के अनुरूप ही संभव होगा.
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें, निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन करें.
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