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Friday, 30 October 2026
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अटलांटा पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिका ने समुद्री मार्गों, ऊर्जा और सप्लाई चेन पर दिया जोर

अटलांटा पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिका ने समुद्री मार्गों, ऊर्जा और सप्लाई चेन पर दिया जोर

अटलांटा, 30 अक्टूबर . India के विदेश मंत्री एस. जयशंकर Friday को जी20 विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक में शामिल होने के लिए अटलांटा पहुंचे. अमेरिका के अनुसार, इस बैठक में एनर्जी, सप्लाई चेन और समुद्री रास्तों को खुला रखने पर फोकस रहेगा. ये ऐसे मुद्दे हैं, जो India के तेल, एलएनजी और उर्वरक आयात के लिए बेहद अहम हैं.

वे इस बैठक के दौरान क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे.

बैठक से पहले अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “जरूरी संकटों से निपटने और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को बिना किसी खतरे या टोल के व्यापार के लिए खुला रखने का साझा संकल्प है. यह एनर्जी संसाधनों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन उतना ही उर्वरक और भोजन के लिए भी महत्वपूर्ण है.”

यह बैठक विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी में हो रही है.

India दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास हो रहे व्यवधान के कारण India के लिए एनर्जी सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है.

अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “एनर्जी दुनिया भर में आर्थिक विकास की बुनियाद है और इसकी पहुंच सस्ती और भरपूर होनी चाहिए.”

अधिकारी ने कहा, “क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन एनर्जी सुरक्षा और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग के लिए बेहद जरूरी है और अन्य सप्लाई चेन भी आवश्यक हैं, खासकर उर्वरक, एलएनजी, तेल और मैन्युफैक्चरिंग के लिए अन्य कच्चे माल के लिए.”

अधिकारी ने कहा, “अटलांटा में बातचीत एनर्जी और सप्लाई चेन चुनौतियों पर चर्चा करने और आर्थिक सुरक्षा पर भू-Political तनाव के प्रभाव से निपटने के तरीकों की पहचान करने का अवसर प्रदान करेगी.”

New Delhi में Wednesday को इस दौरे की घोषणा करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, “विदेश मंत्री 30 से 31 अक्टूबर तक अटलांटा में होने वाली जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे. इस बैठक के दौरान, वे क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लेंगे और अपने समकक्षों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे.”

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि वह इस साल की तीसरी क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए अमेरिका, India और जापान के समकक्षों से मिलेंगी.

उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ईयू के नेतृत्व वाले ‘नो फीस / नो टोल्स’ संकल्प में शामिल हो गया है, जो गैरकानूनी फीस और टोल का विरोध करता है, जो नेविगेशन की स्वतंत्रता को कमजोर करेगा और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करेगा.

विदेश विभाग के प्रवक्ता द्वारा जारी सूची के अनुसार, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों में शामिल हैं, जबकि चीन विदेश मंत्री वांग यी के बजाय कार्यकारी उप विदेश मंत्री मा झाओक्सू को भेज रहा है.

अमेरिका ने पोलैंड को जी20 का पूर्ण सदस्य बनाने का भी समर्थन किया है. पोलैंड के उप Prime Minister और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की इस बैठक में शामिल हो रहे हैं.

अन्य प्रतिनिधिमंडलों में जापान के तोशिमित्सु मोटेगी, सऊदी अरब के प्रिंस फैसल बिन फरहान, तुर्की के हाकन फिदान, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास, ब्राजील के मौरो विएरा, कनाडा की अनीता आनंद समेत कई देशों के विदेश मंत्री शामिल हैं.

अटलांटा के बाद जयशंकर 1 से 4 नवंबर तक राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक के लिए एंटीगुआ और बारबुडा जाएंगे. ट्रंप 14-15 दिसंबर को मियामी में जी20 लीडर्स समिट की मेजबानी करेंगे. क्वाड विदेश मंत्री पिछली बार 26 मई को New Delhi में मिले थे.

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वीकेयू/एबीएम

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