Sunday , 18 April 2021

हाईकोर्ट के फैसले से एक हुए सलमान और शिखा

प्रयागराज (Prayagraj). इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एटा के एक मुस्लिम युवक पर हिन्दू लड़की को अगवा करने और उसपर जबरन शादी का दबाव डालने के आरोप के एक मामले में युवती द्वारा खुद को वयस्‍क साबित करने के बाद कोर्ट ने जीने का अधिकार के संवैधानिक अधिकार के तहत दोनों को एक साथ रहने का अधिकार प्रदान किया. कोर्ट ने कहा कि लड़की बालिग है और वह जिस भी लड़के के साथ रहना चाहती है, इसका चुनाव वह खुद कर सकती है. यह उसका मौलिक अधिकार है. हाईकोर्ट ने प्रयागराज (Prayagraj)एसएसपी को निर्देश देते हुए कहा कि दंपति के घर पहुंचने तक उन्हें सुरक्षा भी मुहैया कराई जाए.

दरअसल, आरोपी युवक सलमान उर्फ करन ने कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी जिसमें उसने बताया कि एटा चाइल्ड वेलफेयर कमिटी द्वारा उसकी पत्नी शिखा को जबरन उसके परिवार को सौंप दिया गया. जबकि इसमें उसकी पत्नी की कोई चाहत नहीं थी. जानकारी के मुताबिक हाल ही में जस्टिस पंकज नकवी और विवेक अग्रवाल की बेंच पर सुनवाई के दौरान लड़की ने अपने जन्म प्रमाण पत्र दाखिल करते हुए कहा था कि उसने सलमान से अपनी मर्जी से शादी की है. वहीं हाईकोर्ट ने प्रयागराज (Prayagraj)एसएसपी को निर्देश देते हुए कहा कि दंपति के घर पहुंचने तक उन्हें सुरक्षा भी मुहैया कराई जाए.

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