Tuesday , 13 April 2021

विश्व बैंक ने कहा, वित्‍त वर्ष 2021 में भारतीय अर्थव्यवस्था में आएगी 9.6 प्र‎तिशत गिरावट

वाशिंगटन . विश्व बैंक (Bank) ने अनुमान व्यक्त ‎किया है ‎कि भारत की अर्थव्यवस्था में वित्त वर्ष 2020-21 में 9.6 प्रतिशत की गिरावट आएगी. विश्व बैंक (Bank) का कहना है कि ये गिरावट आम लोगों के घर खर्च और निजी निवेश में भारी कमी के कारण आएगी. हालांकि, ये उम्‍मीद भी जताई है कि साल वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि सुधरकर 5.4 फीसदी रहेगी. विश्व बैंक (Bank) ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्‍य रिपोर्ट में कहा है कि कुल रोजगार में 80 फीसदी हिस्‍सेदारी वाले असंगठित क्षेत्र में कोरोना संकट के चलते आय में भारी नुकसान हुआ है. साथ ही कहा कि भारत में वैश्विक महामारी (Epidemic) ने अर्थव्‍यवस्‍था को ठीक तब झटका दिया, जब ग्रोथ में पहले से ही गिरावट का रुख था. हालांकि, हालिया आंकड़ों के मुताबिक सर्विस और मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में रिकवरी हो रही है. फाइनेंशियल सेक्‍टर की हालात नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स के कारण कोरोना संकट के पहले से ही खराब थी.

पाकिस्‍तान को लेकर वर्ल्‍ड बैंक (Bank) ने कहा है कि वित्‍त वर्ष 2020-21 के दौरान भारत के पड़ोसी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 0.5 फीसदी रहेगी. हालांकि इसमें तेज रिकवरी की उम्‍मीद नहीं है. पाकिस्‍तान में राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के दबाव और सेवा क्षेत्र की कमजोरी के कारण आर्थिक वृद्धि दर पर दबाव बना रहेगा. शेष दक्षिण एशिया की अर्थव्‍यवस्‍था पर कोविड-19 (Covid-19) का असर कम गंभीर रहा है लेकिन फिर भी काफी प्रभावी रहा. टूरिज्‍म और ट्रैवल पर आधारित अर्थव्‍यवस्‍थाओं पर सबसे बुरा असर नजर आया. ऐसे देशों में मालदीव, नेपाल और श्रीलंका शामिल हैं. बैंक (Bank) का अनुमान है कि साल 2021 के दौरान साउथ एशिया की अर्थव्‍यवस्‍था में 3.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जाएगी. विश्व बैंक (Bank) ने 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 4 फीसदी वृद्धि का अनुमान जताया है. दुनिया के कई देशों में कोरोना वैक्‍सीन को मंजूरी के बीच जताया गया यह अनुमान महामारी (Epidemic) से पहले के 5 फीसदी वृद्धि के अनुमान के मुकाबले कम है. रिपोर्ट में 2022 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 3.8 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है. इसके मुताबिक, 2020 में ग्‍लोबल इकोनामी में 4.3 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया गया है.

Please share this news