Saturday , 6 June 2020
लाॅकडाउन में रामनवमी बड़े ही साधारण तरीके से मनायी गयी

लाॅकडाउन में रामनवमी बड़े ही साधारण तरीके से मनायी गयी

लखनऊ. कोरोना के कहर के चलते लाॅकडाउन लखनऊ में रामनवमी बड़े ही साधारण तरीके से मनायी गयी. बिना किसी भीड़-भाड़ के राम भक्तों के बिना ही रामनवमी का पर्व मनाया गया. टिकैत राय तालाब स्थित राजाजीपुरम् व आस-पास कंे क्षेत्र का प्रसिद्ध राम जानकी मंदिर अपने भक्तों के बिना सूना पड़ा रहा. आम दिनों में यहाॅ हजारों की भीड़ होती है. परन्तु लाॅकडाउन के चलते लोगों ने रामनवमी अपने घरों में ही मनायी. राम जानकी मंदिर के मंहत कौशल किशोर ने बताया कि प्रभु श्रीराम जी का जन्म मंदिर परिसर स्थित पुजारियों द्वारा ही विधि-विधान से श्रद्धा पूर्वक मनाया गया. इस अवसर पर किसी प्रकार की भक्तों की भीड़ नहीं थी. वही मंदिर के पुजारी अनिल जी ने कहा कि इस बार तो धूमधाम से मनाने का मौका था क्योंकि रामलला को वर्षों के बाद तम्बू तिरपाल से आजादी मिली थी. परन्तु लाॅकडाउन के चलते रामनवमी धूमधाम से नहीं मना सके. कुछ ऐसा ही हाल राजाबाजार स्थित प्रसिद्ध श्री राम मंदिर का भी रहा. आम दिनों में जहाॅ हजारों की भीड़ के साथ भोग-भण्डारा चला करता था वहाॅ भी बिना रामभक्तों के केवल मंदिर के पुजारियों ने ही रामलला का जन्म मनाया. स्थानीय लागों ने जब पूजा में शामिल होना चाहा तो ड्याढ़ी आमागीर चैकी की पुलिस ने उनकों भीड़ लगाने से रोक कर घर पर ही रामनवमी मनाने को कहा. नवरात्र के व्रत करने के बाद कन्या पूजन कर कन्या भोज की प्राचीन परम्परा का पालन भी इस लाॅकडाउन में नहीं हुआ. लोगों ने न तो अपने बच्चों को कन्या खिलाने को भेजा और न ही किसी को बुलाया. स्थानीय देवी मंदिरों में कन्या पूजन कर कन्या भोग कराने वाले भक्त भी लाॅकडाउन के चलते मंदिरों में नहीं गये. देवी मंदिरों में भी पूजा केवल पुजारियों ने ही की. गलियों वाले मोहल्लों में कुछ भक्तों ने कन्या पूजन का भोग स्वयं ही कन्याओं घरों में जाकर दे दिया. ऐसे बहुत से लोगों ने कहा कि वे कन्या पूजन न कर पाने की दषा में उसके बराबर की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष या प्रधानमंत्री राहत कोष में देगें.