Thursday , 3 December 2020

रविवार का लॉकडाउन : अंबेडकर के सामने जताई पीड़ा, नहीं मिली प्रदर्शन की इजाजत

उदयपुर . जिला कलेक्टर की ओर से उदयपुर में रविवार को लगाए लॉकडाउन को निरस्त करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के व्यापारी गण प्रयासरत है. इसी कड़ी में गुरुवार को समस्त व्यापारी संगठनों के मुख्य पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे एवं रोष प्रकट किया. पूर्व योजना के तहत समस्त व्यापारी संगठनों की ओर से जिला कलेक्ट्रेट के सामने मौन पीड़ा प्रदर्शन की योजना थी, इसके तहत गांधीवादी तरीके से बिना नारे लगाए तख्तियां लेकर व्यापारी बैठने का मानस बना कर आए थे कि जब तक प्रशासन उनकी बात नहीं सुनता है तब तक वहीं बैठे रहेंगे. लेकिन इससे पूर्व प्रशासन की ओर से प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिलने एवं प्रदर्शन करने पर गिरफ्तारी की बात करने और ज्ञापन पर संज्ञान लेने की बात कहने पर प्रदर्शन को निरस्त करते हुए सभी एकत्रित होकर कोर्ट चौराहे स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर सर्किल पर पहुंचे. सभी व्यापारियों ने अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष अपनी पीड़ा का प्रदर्शन किया और कहा कि हम लोग कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करना चाहते थे लेकिन हमें इसकी इजाजत नहीं मिली. इसलिए संविधान निर्माता डॉ अंबेडकर साहब के समक्ष अपनी पीड़ा का प्रदर्शन कर रहे हैं.

उदयपुर बेकरी एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि पिछले 2 सप्ताह से व्यापारीगण प्रयास कर रहे हैं कि लॉक डाउन निरस्त किया जाना चाहिए. क्योंकि पिछले 6 महीने से सभी व्यापारियों के प्रतिष्ठान बंद पड़े हुए हैं. अब एक माह से जब व्यापार पटरी पर आने लगा था एवं हम सभी घाटे से उबरने का प्रयास कर रहे थे ऐसे में रविवार का लॉकडाउन लगने से व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया. क्योंकि हम सभी व्यापारियों का व्यापार मुख्य रूप से रविवार पर निर्भर करता है क्योंकि इसी दिन कामकाजी लोग घर से बाहर निकलते हैं खाना खाने आते हैं, घूमते हैं एवं खर्चा करते हैं, उसी के आधार पर हमारा व्यापार चलता है. हमारा प्रशासन से अनुरोध है कि हमारी इस बात को सुना जाना चाहिए एवं रविवार का लॉक डाउन निरस्त किया जाना चाहिए. इस अवसर पर संजय कालरा, संजय लिंजारा, रितेश जैन, राजकुमार सचदेव, अशोक पालीवाल, दीपेश हेमनानी, सुरेश असनानी, भरत साहू, विनोद वेद, जितेंद्र कालरा, जय विजयवर्गीय, बाला भाई, मनप्रीत सिंह, सहित उदयपुर बेकरी एसोसिएशन, उदयपुर रेस्टोरेंट एसोसिएशन, शक्तिनगर व्यापार मंडल, बम्बईया बाजार व्यापार मंडल, सुखाड़िया सर्कल व्यापार एसोसिएशन, सेन क्षौर कलाकार मण्डल, वेद क्षौर कलाकार मण्डल, मीट मछली मुर्गा व्यापार संघ से पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित थे.